इस विकल्प के बाद 20-25 हजार रुपये खर्च करके कितने छात्र स्पेशल और डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेंगे ये बड़ा सवाल है। हालांकि, बीएचयू में 2025-26 सत्र से प्रवेश शुरू किया गया है। 17 जून तक आवेदन करने की समय सीमा है। कम से कम 713 और ज्यादा से ज्यादा 2015 सीटों पर दाखिला लिया जा सकता है।
112 प्रतिबंधित छात्रों में सिर्फ एक ही डिप्लोमाधारी: प्रवेश रोकने के लिए ऐसा कहा गया था कि डिप्लोमा के विद्यार्थी कैंपस में अव्यवस्था फैलाते हैं और मारपीट करते हैं। जबकि कमेटी के अनुसार बीएचयू के प्रतिबंधित 112 पूर्व छात्रों की सूची में सिर्फ एक ही डिप्लोमा कोर्स का था बाकी सभी मुख्य कोर्स में अध्ययनरत थे। डिप्लोमाधारियों को कहा गया कि ये बीएचयू अस्पताल के लिए पास बुक और लाइब्रेरी कार्ड का बेजा इस्तेमाल करते हैं हालांकि ये सुविधा उससे पहले ही बंद कर दी गई थी।
विद्यार्थियों के पास था बीएचयू से जुड़ने का मौका
पूर्व कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन के कार्यकाल में डिप्लोमा कोर्स में बाहरियों का प्रवेश बंद करने का फैसला लिया गया था। जबकि ज्यादातर बनारस और आसपास के विद्यार्थियों को बीएचयू के शिक्षकों से कुछ दिन पढ़ने का मौका मिल जाता था। बहरहाल, पिछले सत्र में जब सीटें नहीं भर पाईं तो बीएचयू और नॉन बीएचयू का मुद्दा जोरशोर से उठा तो एक स्पेशल कोर्स रिव्यू कमेटी बनी। इसने समीक्षा कर करीब दो महीने पहले रिपोर्ट भी सौंपी है, जिसमें कहा गया था कि इन कोर्स की 70 फीसदी सीटों पर दाखिले बीएचयू के बाहर वालों ने लिया।