बिजली विभाग की लापरवाही लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। उपकेंद्र पर बिजली बिल में सुधार करने के लिए उपभोक्ताओं को उपकेंद्र का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
बिजली विभाग बकाएदारों से बिल वसूली का अभियान चला रहा है। उपभोक्ताओं को बिल भेज कर शुल्क जमा करने को कहा जा रहा है। लेकिन मीटर रीडरों द्वारा दिया जा रहा बिजली बिल उपभोक्ताओं के लिए सरदर्द साबित हो रहा है। उपभोक्ताओं के मुताबिक मीटर रीडर समय से मीटर रीडिंग नहीं करते। मीटर रीडर कभी कभार ही आते हैं। इस वजह से समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं हो पाता है। वहीं, बिल बहुत ज्यादा आ जा रहा है।
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पहले तीन हजार आता बिल, अगस्त में आया 12 हजार
भदैनी निवासी किशन गुप्ता का प्रति माह तीन से साढ़े तीन हजार बिजली का बिल आता था लेकिन इस माह 12 हजार रुपये बिजली का बिल आया है। किशन गुप्ता ने बताया हम प्रतिमाह बिजली बिल का भुगतान करते हैं इसके बावजूद जून माह का बिल 12 हजार आया है। कई बार भदैनी उपकेंद्र की दौड लगा चुका हूं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। विभाग का कहना है कि ऑनलाइन अप्लाई करो तो देखेेंगे।
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बंद मकान का बिल आया 64 हजार
चेतगंज बाग बरियार सिंह निवासी इशू सिंह बिजली बिल को लेकर खासे परेशान हैं। उन्होंने बताया हर माह एक से डेढ़ हजार बिजली बिल आता था। जून माह का बिल 64 हजार 630 रुपये टांग कर चला गया। अधिकारी कहते हैं कि मीटर की जांच करा लें, बिल सहीं है। बताया कि दिल्ली में रहते है। घर प्राय: बंद ही रहता है। उपकेंद्र पर बिल संशोधन की गुहार लगाई लेकिन बिजली बिल दुरुस्त नहीं हो सका है।
वर्जन
बिजली बिल की समस्या ऑनलाइन ऑफ लाइन दोनों माध्यमों से दुरुस्त की जा रही है। उपभोक्ताओं से शिकायतें मिली है। समय पर मीटर की रीडिंग नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। दीपक अग्रवाल अधीक्षण अभियंता सर्किल प्रथम।