बीएचयू भू भौतिकी विभाग, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान, मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से बीएचयू में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में जलवायु परिवर्तन, मौसम के पूर्वानुमान, कृषि विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान मौसम के अनुकूल खेती, पर्यावरण संरक्षण आदि पर आधारित विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने पर भी मंथन हुआ। नेशनल अकादमी ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च मैनेजमेंट के निदेशक श्रीनिवास राव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
प्रो. श्रीनिवास ने कहा कि भूगर्भ जल की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रयास करना होगा। फ्रांस के प्रोफेसर सरजई सवरी ने कृषि अनुसंधान और जलवायु प्रतिरोध की बढ़ती चुनौतियों पर ध्यान देने की बात कही। जार्ज मेशन विश्विद्यालय अमेरिका के डॉ. जगदीश शुक्ला ने जलवायु परिवर्तन, कृषि विकास आदि के मामले में वैज्ञानिकों को एक साथ आने कृषि गतिविधियों के साथ जुड़े जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक किया गया।
प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश सिंह, एस रघुवंशी, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. राजेश मल्ल, प्रो.आरएस सिंह, प्रो. अरुण देव सिंह, प्रो. केके सिंह, प्रो. राजीव भाटला, प्रशांत श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।