बीएचयू और आयुर्वेद महाविद्यालय में हुआ धन्वंतरि पूजन, शिष्य उपनयन संस्कार
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माई सिटी रिपोर्टर वाराासी। बीएचयू आयुर्वेद संकाय और राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में मंगलवार को धन्वंतरि पूजन के साथ ही शिष्य उपनयन संस्कार में शिष्यों को दीक्षित किया गया। वक्ताओं ने मेडिकल छात्रों को आयुर्वेद की महत्ता बताते हुए शोध और प्रयोग के लिए आगे आने का आह्वान किया। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर कार्यक्रम में केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षण संस्थान, सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगचुक दोरजी नेगी ने कहा कि बौद्ध और सनातन धर्म की परंपराओं की तुलना पर कहा कि हर व्यक्ति में बुद्धत्व बीज है। इसे प्रकट करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को आचरण में शुद्धता का पालन करने की प्रेरणा दी।
मुख्य वक्ता प्रो. मनोरंजन साहू ने आयुर्वेद के सिद्धांतों को मरीजों के हित में प्रयोग की बात कही। संज्ञाहरण विभाग द्वारा संकलित एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। संकाय प्रमुख प्रो. पीके गोस्वामी ने कहा कि उपनयन संस्कार से ही गुणों का विकास होता है। कार्यक्रम में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रो. चंद्रशेखर पांडेय, प्रो. चंद्रभूषण झा, प्रो. बृज कुमार द्विवेदी मौजूद रहे। उधर, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में प्राचार्य प्रो. शशि सिंह की मौजूदगी में नवप्रवेशी छात्रों का शिष्योपनयन संस्कार हुआ। स्नातक और स्नातकोत्तर में प्रवेशित छात्रों को मेडल पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में आयुर्वेद के क्षेत्र में योजनाओं के शुभारंभ का प्रसारण भी दिखाया गया। डॉ. अंकित गुप्ता, डॉ. पीएल संखुआ, डॉ. मनोहर राम मौजूद रहे।