शिवपुर संत अतुलानंद आवासीय विद्यालय होलापुर में चल रहे एनसीसी प्रशिक्षण शिविर का तीसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें कैडेटों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने कौशल और क्षमताओं को निखारने का अवसर मिला।
कैडेटों ने दिन की शुरूआत ड्रिल और योगा के अभ्यास से हुई, जिसने कैडेटों को शारीरिक अनुशासन और मानसिक शांति का महत्व सिखाया। इसके बाद शस्त्र प्रशिक्षण में कैडेटों को सेक्शन फॉर्मेशन से परिचित कराया गया।
सेना भर्ती कार्यालय के निदेशक कर्नल शैलेश कुमार ने कैडेटों को अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने इसके लाभों की जानकारी दी। एनसीसी अधिकारी उषा बालचंदानी ने कैडेटों को सांस्कृतिक कार्यक्रम का अभ्यास कराया, जिससे उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और प्रतिभा दिखाने का मौका मिला।
एआरओ वाराणसी ने भारतीय सेना में शामिल होने विषय पर एक विस्तृत और प्रेरक व्याख्यान दिया। इसमें अधिकारी स्तर की प्रविष्टि और अग्निवीर भर्ती के विभिन्न पहलुओं, जैसे पंजीकरण प्रक्रिया, रैली, बोनस अंक, ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़ और 4 साल की सेवा के बाद अग्निवीर होने के लाभ, सहित विभिन्न ट्रेडों पर विस्तार से बताया।
व्याख्यान में सशस्त्र बलों में सेवा से जुड़े मूल्यों, जीवन शैली और करियर की प्रगति पर भी जोर दिया गया, जिसमें छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्रों के प्रश्न पूछने पर कर्नल शैलेश कुमार ने सभी का जवाब दिया। कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश रोशन ने कर्नल शैलेश कुमार और डॉ. अविनाश पांडेय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
अतुलानंद के प्रधानाचार्य, डॉ. अविनाश पांडेय ने तनाव प्रबंधन पर एक प्रेरक संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने तनाव को कम करने की विभिन्न तकनीकों पर प्रकाश डाला। पीआई स्टाफ ने मैप रीडिंग के महत्व और उपयोग के विभिन्न तरीकों के बारे में भी बताया, जबकि ट्रेनिंग जेसीओ ने शिविरों के प्रकार की जानकारी दी।