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नक्सली बृजेश गंझू: माओवादी एरिया कमांडर के घर को बम से उड़ाया, पुलिस गश्ती दल पर हमला कर लूटे थे हथियार

Mon, 21 Sep 2026 10:35 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

नक्सली कमांडर बृजेश गंझू पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे। वह बेखौफ होकर बम धमाके करता था। माओवादी एरिया कमांडर के घर को बम से उड़ा दिया था। पुलिस गश्ती दल पर हमला कर हथियार लूटे थे। वह जंगलों और पहाड़ों के बीच वह फरारी काटता और संगठन को विस्तार देता था।
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30 लाख रुपये का इनामी बृजेश गंझू ढेर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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नक्सली कमांडर बृजेश गंझू जघन्य वारदात के लिए कुख्यात था। बेखौफ होकर बम धमाके करता था। खौफ ऐसा था कि शाम ढलने के बाद पुलिस की टीम जंगलों में कांबिंग नहीं करती थी। जंगलों और पहाड़ों के बीच वह फरारी काटता और संगठन को विस्तार देता था। 9 मार्च 2012 को हंटरगंज के कुसमाही में माओवादी एरिया कमांडर धर्मेंद्र यादव के घर को बम उड़ा दिया था। पुलिस गश्ती दल पर हमला कर हथियार लूट लिए थे। एटीएस के मुताबिक, बृजेश गंझू ने लावालौंग-कोलकोले के बीच पुलिस गश्ती दल पर हमला कर हथियार लूटे थे। बीएमपी-16 के दो जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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बृजेश गंझू पर दर्ज वारदातें

  • 2 फरवरी 2025 को टंडवा के लेम्बुआ जंगल के पास भुनेश्वर साहू की हत्या।
  • 18 जुलाई 2018 को पत्थलगड्डा के मेरमगड़ा में मनरेगा ठेकेदार नागेश्वर गंझू की लेवी वसूली के लिए हत्या।
  • 28 नवंबर 2017 को पीपरवार के करमाटांड़ में जेएमएमपी के प्रदीप महतो की गोली मारकर हत्या।
  • 2 अप्रैल 2014 को कटकमसांडी के कुसुम्बा में बादल मुंडा और अशोक उरांव की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
  • 7 नवंबर 2010 को वशिष्टनगर के धोबे गांव में ग्रामीण रघुनाथ यादव उर्फ बिहारी यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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बड़ा भाई रह चुका है विधायक, रद्द हो गई थी बृजेश की पंचायत समिति की सदस्यता
बृजेश गंझू का बड़ा भाई गणेश गंझू सिमरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुका है। 2014 में वह जेवीएम के टिकट पर चुनाव जीता था। परिवार के दूसरे सदस्य भी गंवई राजनीति में सक्रिय रहे हैं। मगर, बृजेश गंझू से सभी ने दूरी बना रखी थी। परिजनों ने उसे आत्मसमर्पण करने की सलाह भी दी थी। 2015 के पंचायत चुनाव में बृजेश गंझू पंचायत समिति सदस्य (पंसस) के रुप में भी चुनाव जीता था। जीत के बाद एनआईए की टेरर फंडिंग की कार्रवाई के बाद उसकी पंचायत समिति की सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
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