अपनी इच्छा शक्ति एवं भक्ति के अनुसार लोग हर साल नई तरह से सीढ़ियां बनाते हैं और इन्हें विभिन्न तरीकों से सजाया जाता है। सबसे ऊंची सीढ़ी में चावल भर कुंभ रखे जाते हैं, जिनमें नारियल रखकर देवी का आह्वान किया जाता है। शेष बची सीढ़ियों को रंग-बिरंगे धार्मिक खिलौने एवं मूर्तियों से सजाया जाता है, ये नौ सीढ़ियां ही देवी के नौ रूप हैं।
यही नहीं सजाई गई सीढ़ियों के नीचे हर दिन नया कोलम अल्पनाएं बनाई जाती हैं। इस पर्व में घर के लोग घर-घर जाकर कोलू देखने के लिए आमंत्रित करते हैं।