फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिव और शक्ति के गहने: मां अन्नपूर्णा के गले में नवरत्नों का हार, सोने के बेलपत्र व चांदी के नाग बाबा के आभूषण

Sun, 12 Nov 2023 03:07 PM IST
किरन रौतेला आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी

सार

औघड़दानी भोलेनाथ काशी में राज राजेश्वर के स्वरूप में विराजते हैं। बाबा के चार प्रहर के अलग-अलग शृंगार भी होते हैं। चारों प्रहर की आरती के दौरान बाबा को 12 किलोग्राम के सोने और चांदी के आभूषण से सजाया जाता है।
विज्ञापन
काशी विश्वनाथ मंदिर के शयन आरती के दर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस दिवाली हम पहली बार बता रहे हैं कि आपके आराध्य देवी-देवता नवरत्नों की माला पहनते हैं। कान में हीरे का झुमका रहता है, जो अंधेर में चमक बिखेरता है। काशीपुराधिपति को अन्न-धन की भिक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा का स्वर्णमयी स्वरूप भी निराला है। स्वर्णिम स्वरूप वाली माता की प्रतिमा माणिक्य के गजफूल पर विराजमान है। गले में नवरत्नों का हार शोभा बढ़ा रहा है। माता के दर्शन करने वाले भक्त तो उनकी स्वर्णिम आभा के आगे सुख और सौभाग्य की कामना से हाजिरी लगाते हैं।

विज्ञापन


मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बताया कि काशीपुराधीश्वरी स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का हीरे और नवरत्नों की माला से शृंगार किया गया है। माता के आभूषण डेढ़ सौ साल से अधिक पुराने हैं। माता के गले में जो नवरत्नों का हार है, उसमें माणिक्य, हीरा, पन्ना, नीलम, मोती, मूंगा, पुखराज, लहसुनिया और गोमेद जड़ा गया है। माता के कान में हकीक और हीरे का झुमका है। मां की नाक की नथनी हीरा जड़ित हैं। हाथ में नवरत्न के कंगन हैं। माता के सिर का मुकुट स्वर्ण का ,है जिसमें नवरत्न जड़े गए हैं।
 

विज्ञापन

माता अन्नपूर्णा मंदिर - फोटो : फाइल
बाबा विश्वनाथ को 12 किलोग्राम सोने और चांदी से सजाया

औघड़दानी भोलेनाथ काशी में राज राजेश्वर के स्वरूप में विराजते हैं। बाबा के चार प्रहर के अलग-अलग शृंगार भी होते हैं। चारों प्रहर की आरती के दौरान बाबा को 12 किलोग्राम के सोने और चांदी के आभूषण से सजाया जाता है। इसमें बाबा को एक पाव के सोने के मुकुट से राजराजेश्वर स्वरूप में सजाया जाता है।
बाबा की सप्तर्षि आरती में सोने और चांदी के मुकुट के साथ ही 30 किलोग्राम के नाग से सजाया जाता है। वहीं शृंगार में भी चढ़ाने वाला नाग भी 25 किलोग्राम चांदी का है। इसके साथ ही ढाई सौ ग्राम का सोने का बेलपत्र और सोने की माला से सजावट होती है। इसके अलावा चांदी की वजनदार प्रतिमाएं भी हैं जो पूर्णिमा पर चढ़ाई जाती हैं। बाबा विश्वनाथ का मंदिर भी स्वर्ण जड़ित है। गर्भगृह से शिखर तक 940 किलोग्राम सोना जड़ा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें