वाराणसी। शिव की नगरी काशी में नौ दिनों तक शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो गया। प्रथम दिन मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। मां शैलपुत्री का मंदिर सिटी स्टेशन से 1.5 किमी दूर सरैया के पास स्थित है। रविवार की भोर में आरती के बाद मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खुल गए। घंट-घड़ियालों और शंख की ध्वनि के बीच नवरात्र का शुभारंभ हुआ। घरों में भी श्रद्धालु कलश पूजन करेंगे।
शनिवार को मंदिर में दर्शन-पूजन की तैयारियां देर रात तक चलती रहीं। मंदिर के बाहर माला, फूल, नारियल समेत अन्य सामान की 50 दुकानें लगी हैं। मंदिर परिसर और उसके बाहर 300 मीटर तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग की गई है, ताकि किसी प्रकार की धक्का-मुक्की न हो। सुरक्षा के दृष्टिकोण से मंदिर के बाहर प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश के दो और निकास के तीन द्वार बनाए गए हैं। इसके अलावा नवदुर्गा के अन्य मंदिरों में भी रविवार से अनुष्ठान शुरू होंगे। काशी में साधु-संतों के आश्रमों और मठों में यज्ञ, प्रतियोगिताएं आदि होंगी।
केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में 10 दिनों तक ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के नेतृत्व में शारदीय उत्सव मनाया जाएगा। उत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का विशेष पूजन होगा। गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने और उनके प्राणों की रक्षा के लिए नवचंडी पाठ भी किया जाएगा। यह पाठ वैदिक आचार्यों द्वारा संपन्न कराया जाएगा। श्रीविद्या साधना शिविर और प्रतिदिन शाम को प्रवचन भी आयोजित होंगे। सुबह श्रीविद्या का अध्ययन होगा। इसके बाद प्रस्थानत्रयी का पाठ और श्रीविष्णु पूजन किया जाएगा। दोपहर में भगवती त्रिपुर सुंदरी का विशेष पूजन और शाम को प्रवचन होगा। इसके बाद भगवती की महाआरती की जाएगी।
कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त
बीएचयू के ज्योतिषाचार्य सुभाष पांडेय के मुताबिक, इस बार प्रतिपदा तिथि रविवार की रात 9:30 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर रविवार को नवरात्र का प्रथम दिवस मान्य होगा। इस दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का संयोग है। घरों में घट स्थापना के लिए सुबह 11:20 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक 47 मिनट का शुभ मुहूर्त है।
नवदुर्गा मनोकामना सिद्धि मंदिर में आज से शतचंडी महायज्ञ
दारानगर के नवापुरा स्थित प्राचीन नवदुर्गा मनोकामना सिद्धि मंदिर में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर रविवार, 11 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति के सदस्यों इंदुशेखर तिवारी, वीरेंद्र वर्मा और छोटेलाल सेठ ने बताया कि अनुष्ठान के पहले दिन पं. सर्वज्ञ मिश्रा के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना होगी। इसके साथ ही 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा नौ दिनों तक शतचंडी का संपूर्ण पाठ किया जाएगा।