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राष्ट्रीय लोक अदालत: 5.58 लाख वाद निस्तारित, 19.84 करोड़ की वसूली; जिला जज ने पारिवारिक विवादों पर चिंता जताई

Sun, 13 Sep 2026 06:04 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान 5.58 लाख वादों का निस्तारण किया गया और 19.84 करोड़ रुपये की वसूली हुई। इस दौरान आठ दंपतियों के बीच सुलह कराकर उन्हें फिर साथ भेजा गया। जनपद न्यायाधीश ने बढ़ते पारिवारिक विवादों पर चिंता जताते हुए कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है, इसे बचाने के लिए प्रयास जरूरी हैं।
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राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ करते न्यायाधीश संजीव शुक्ला। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 5.58 लाख वाद निस्तारित किए गए। साथ ही 19.84 करोड़ की वसूली हुई। इस दौरान आठ जोड़ों ने भी फिर से नई जिंदगी की शुरुआत की। शुभारंभ न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत बिना समय गंवाए विवादों के निस्तारण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। उन्होंने एमवी एक्ट के चालान पेमेंट सेतु एप के माध्यम से जमा करने और परिसर में बनाए गए हेल्प डेस्क की मदद लेने की अपील की। जनपद न्यायाधीश ने बढ़ते पारिवारिक विवादों पर चिंता जताई। कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है।

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जनपद न्यायालय वाराणसी से 31,348 वादों का निस्तारण किया गया। इनके निस्तारण से 8 करोड़ 34 लाख 24 हजार 789.44 रुपये की वसूली हुई। वहीं प्रशासन और अन्य विभागों की ओर से 5,27,293 वादों का निस्तारण किया गया और 11 करोड़ 50 लाख 36 हजार 210 रुपये की वसूली के लिए समझौता हुआ। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अहमद हुसैन अंसारी, पीठासीन अधिकारी रामकेश, नोडल अधिकारी आलोक कुमार, अजीत कुमार, एलडीएम अविनाश अग्रवाल, डीएलएसए सचिव राजीव मुकुल पांडेय, यूनियन बैंक जीएम बीएन सिंह,प्रधान काउंसलर रजनी भटाला मौजूद रहीं।

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परिवार बचाने पर जोर,चालान जमा करने की सुविधा
परिवार न्यायालय में वैवाहिक विवादों के निस्तारण को लोक अदालत की अहम उपलब्धि माना गया। सुनवाई के दौरान विवादों का समाधान कर आठ दंपतियों के बीच समझौता कराया गया। इसके बाद उन्हें न्यायालय परिसर से साथ विदा किया गया। जनपद न्यायाधीश ने भी पारिवारिक विवादों में न्यायालय की भूमिका को परिवारों में समरसता कायम करने से जोड़ा। न्यायालय परिसर में अलग-अलग स्थानों पर हेल्प डेस्क भी बनाए गए थे, जहां लोगों को लोक अदालत से संबंधित प्रक्रिया और भुगतान में सहायता उपलब्ध कराई गई।
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