बीएचयू में शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता की शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, नई दिल्ली ने जांच शुरू कर दी है। आयोग ने यूजीसी चेयरमैन, मानव संसाधन मंत्रालय सचिव और बीएचयू के कुलपति को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इससे पहले इसी मामले में पिछड़ा वर्ग कल्याण से संबंधित संसदीय समिति भी जवाब मांग चुकी है। बीएचयू के शिक्षक डॉ. महेश प्रसाद अहिरवार ने 22 अगस्त को आयोग को शिकायती पत्र भेज कर जांच की मांग की थी।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर शिक्षकों की नियुक्ति में नियमों की अनदेखी करने और अनियमितता का आरोप लगाया था। आयोग के सहायक निदेशक एसपी मीणा ने नोटिस मिलने के सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा है।
नोटिस की एक प्रति डॉ. अहिरवार को भी भेजी गई है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय पर जवाब न देने पर धारा 338 ए के तहत सम्मन भेजा जाएगा। सूत्रों की मानें तो बीएचयू में दो दिन पहले आयोग की नोटिस आ गई थी और अब उसका जवाब तैयार किया जा रहा है।