वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पंचनामा भरकर मोर के शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया। पोस्टमार्टम के उपरांत राष्ट्रीय पक्षी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया गया।
पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मोर की मौत आवारा कुत्तों के हमले से होने की आशंका है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वन विभाग के डिप्टी रेंजर संतोष कुमार गौड़ ने बताया कि मोर की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट होगा कि मौत अंदरूनी चोट, दम घुटने, करंट लगने या किसी अन्य कारण से हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही या वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के साक्ष्य मिलते हैं तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और वन विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।