तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने अपने कार्यकाल में पूर्वांचल के दो जिलों की आधारशिला रखी थी। एनडी तिवारी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान चार मार्च 1989 को सोनभद्र जिला बनाने की घोषणा की थी। उसके अलावा 19 नवंबर 1988 को मऊ जिला बनाया था।
नारायण दत्त तिवारी ने मऊ को जनपद बनाने की घोषणा स्वयं यहां आकर की थी। कांग्रेस के कद्दावर नेता कल्पनाथ राय के प्रयास से इंदिरा गांधी की जयंती पर लोगों को नए जनपद की सौगात मिली थी। नारायण दत्त तिवारी लखनऊ से कल्पनाथ के साथ हेलीकॉप्टर से मऊ पहुंचे थे। जीवनराम हॉस्टल के मैदान पर बने मंच से नारायण दत्त तिवारी ने मऊ को नया जिला बनाने की घोषणा की थी।
उन्होनें कहा था कि आजमगढ़ जिले से अलग किए गए आठ ब्लॉकों और बलिया जिले से एक ब्लॉक रतनपुरा को मिलाकर नौ ब्लॉकों का यह मऊ जिला होगा। पहले डीएम जेएन चैंबर को भी मंच पर बुलाया और जिले के पहले डीएम के रूप में उनका परिचय कराया था। समारोह को संबोधित करते हुए कहा था कि मऊ को विकास और योजनाओं के लिए अलग बजट मिलेगा। जनता को अधिकारियों से मिलने दूर नहीं जाना होगा। अधिकारियों के यहां पर बैठने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
बता दें कि कांग्रेस के कद्दावर नेता चंद्रजीत यादव मऊ को आजमगढ़ जिले से अलग किए जाने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन कल्पनाथ राय ने मऊ को नया जिला बनाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। उनके इस प्रयास को नारायण दत्त तिवारी का वरद हस्त मिला और जिला अस्तित्व में आ गया। जनपद सृजन के बाद जीवनराम हॉस्टल के ही कई कमरों को कलेक्ट्रेट का रूप दिया गया।