शहर में हर प्रमुख स्थानों समेत 34स्थानों पर नगर पालिका अलाव जलाने का दावा कर रही है, लेकिन यह इंतजाम रात में ही हो रहे हैं। दिन में ठंड से राहत पाने के लिए लोग गत्ता और कूड़ा जलाने को मजबूर हैं।
रविवार को जब पड़ताल की गई तो कुछ चौराहों पर लोग कूड़ा और गत्ता जलाकर हाथ सेकते दिखे।
दरअसल पालिका की ओर से रात में तो लकडि़यां गिरवाकर अलाव जलाए जा रहे हैं। लेकिन लकड़ी जल जाने के कारण सुबह और दोपहर में लोग ठिठुरने को विवश है। लोग अपने आसपास रखे गत्ते, कूड़ा, टायर आदि जलाकर खुद से ठंड दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।
पड़ताल की गई तो कहीं अलाव ठंडे पड़े थे तो कहीं अलाव से लकड़ियां ही गायब थीं। मातबरगंज तिराहे पर नगर पालिका के अलाव पर लकड़ी नहीं थी। अलाव के आसपास कुत्ते सोए थे। वहीं, बगल में दुकानदार गत्ते जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे थे। सिविल लाइन चौराहे पर भी लोग गत्ता जलाए हुए थे। सिधारी तिराहे पर लकड़ी के अभाव में अलाव ठंडा हो गया था।
अलाव के आसपास लोग खड़े नगर आए। कलेक्ट्रेट के पास रिक्शा स्टैंड, महिला अस्पताल और रोडवेज पर अलाव पर सिर्फ एक- एक लकड़ी दिखी। नगर पालिका का अलाव जलाने का दावा पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है।