कार्यकारिणी चुनाव के मुद्दे पर सोमवार को नगर निगम में जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों ने उपसभापति के कमरे में बुलाई गई बैठक में हंगामा करते हुए मेयर पर गलत बयानी का आरोप लगाया। मेयर पर कार्यकारिणी चुनाव नहीं कराने का आरोप लगाते हुए शिवाला के पार्षद राजेश यादव चल्लू ने हंगामा किया। पार्षद ने आरोप लगाया कि मेयर आधी-अधूरी कार्यकारिणी को भंग करना चाहती हैं।
नगर निगम में सोमवार को मेयर मृदुला जायसवाल ने पार्षदों की बैठक बुलाई थी। इसमें करीब 30 पार्षद उपस्थित रहे। पहले यह बैठक कार्यकारिणी कक्ष में होनी थी लेकिन बाद में इसे उपसभापति नरसिंह दास के कमरे में कराई गई। मेयर के पहुंचते ही हंगामा शुरू हो गया। जैसे ही राजेश यादव चल्लू ने कार्यकारिणी चुनाव नहीं कराने का मेयर पर आरोप लगाया, वैसे ही उनके साथ पार्षद कुंवर कांत सिंह, रोहित जायसवाल, राजेश केशरी, इंद्रदेव पटवा व एक और पार्षद भी हंगामा करने लगे। राजेश का आरोप था कि मेयर कार्यकारिणी चुनाव कराए बगैर ही बजट की बैठक कराना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने मेयर की ओर से नगर आयुक्त को लिखी गई एक चिट्टी का भी जिक्र किया। मेयर ने पूर्व मेयर रामगोपाल मोहले के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय आप कहां थे, जब बिना कार्यकारिणी के गठन के ही पांच साल सदन व बजट की बैठक हुई। बाद में हंगामा बढ़ता देख बाकी पार्षदों ने सभी को शांत कराया। मेयर मृदुला जायसवाल का कहना है कि शुक्रवार को कार्यकारिणी चुनाव के लिए बैठक बुलाई गई है। इसकी सूचना सुबह 10 बजे ही सभी पार्षदों को जारी करने का आदेश मेरे स्तर से दे दिया गया था। शाम को तीन बजे बुलाई गई बैठक में कुछ लोग चर्चा में बने रहने के लिए हंगामा करने लगे। मेरा प्रयास सदैव नियमों के अनुसार काम करने का है। मुझ पर गलत बयानी का आरोप गलत है।