वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण की प्रस्तावित योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए नगर निगम ने शुक्रवार को 26 भवनों की सूची जिलाधिकारी प्रांजल यादव के समक्ष पेश की।
मंदिर के कैंप कार्यालय में परिसर के नए मास्टर प्लान पर चर्चा के दौरान डीएम ने भवनों की सूची में सुधार का निर्देश दिया। भवनों के स्वामित्व पर नगर निगम के अलावा अन्य विभागों से सात जनवरी को फाइनल रिपोर्ट तलब की। अधिग्रहण के लिए चिह्नित भवनों और मठों का भी डीएम ने निरीक्षण किया।
नगर निगम ने शुक्रवार को विस्तारीकरण के लिए चिह्नित 26 भवनों की सूची प्रस्तुत की। पहले 20 भवनों को ही इस योजना के दायरे में रखा गया था। इस बार तैयार की गई सूची में कुछ खामियां होने के भी संकेत मिले हैं।
कैंप कार्यालय में डीएम ने मंदिर प्रशासन के अलावा नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, वीडीए और राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित योजना को क्रियान्वित करने पर मशविरा किया।
उन्होंने निगम की ओर से दी गई भवनों की सूची में सुधार कराने का भी निर्देश दिया। कहा कि पहले इन भवनों के स्वामित्व संबंधी रिकार्ड देख लिए जाएं, ताकि मुआवजे के वितरण में दिक्कत न आने पाए।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पारस नाथ द्विवेदी ने बताया कि मंदिर प्रशासन के पास धन की कमी नहीं है जो लोग अधिग्रहण की कार्रवाई से बचने के लिए भवन स्वेच्छा से बेचना चाहेंगे, उन्हें मंदिर प्रशासन खरीदने के लिए तैयार है।
कारमाइकल लाइब्रेरी से खोवा गली होते हुए सरस्वती फाटक तक मंदिर परिसर का विस्तार होने से आने वाले वर्षों में वहां की तस्वीर बदली नजर आएगी।