फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज काशी में गंगा धरेंगी यमुना का रूप: कालिया नाग के फन पर नाचेंगे कान्हा, रामायणी के मंच पर सजेगी कदंब की डाल

Sat, 29 Oct 2022 07:26 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

शनिवार को तुलसी घाट पर काशी के लक्खा मेले में शुमार नागनथैया की लीला होगी। गंगा में बाढ़ के कारण पारंपरिक लीला स्थल डूबा हुआ है और घाट के ऊपर ही लीला का मंचन होगा।
विज्ञापन
तुलसी घाट पर नाग नथैया लीला देखने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़ । - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिव की नगरी काशी के मेले भी निराले हैं। नटवर नागर की लीला के लिए सुरसरि कुछ पलों के लिए यमुना में तब्दील हो जाएंगी। काशी वासी गोकुल के ग्वाले और बच्चे बाल गोपाल बन जाएंगे। शनिवार को तुलसी घाट पर काशी के लक्खा मेले में शुमार नागनथैया की लीला होगी। गंगा में बाढ़ के कारण पारंपरिक लीला स्थल डूबा हुआ है और घाट के ऊपर ही लीला का मंचन होगा।
विज्ञापन

शुक्रवार को तुलसीघाट पर नागनथैया की लीला के मंचन की तैयारियों को देर रात तक अंतिम रूप दिया गया। दोपहर बाद पहुंचे पीपे पर लीला का मंच गंगा की बीच धारा में सजाया गया। वहीं, कालिया नाग का स्वरूप भी तैयार किया गया। शनिवार भोर में संकटमोचन मंदिर से कदंब की डाल काटकर लीला स्थल पर लाई जाएगी। 
 
विज्ञापन

तुलसीघाट पर नाग नथैया की लीला
महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने बताया कि 1992 के बाद यह दूसरा मौका होगा जब अस्सी घाट के रास्ते की बजाय तुलसी घाट की सड़क से ही लीला स्थल तक कदंब की डाल जाएगी। वहीं, लीला स्थल में भी थोड़ा बदलाव होगा और लीला का मंचन ऊपर ही किया जाएगा। रामायणी वाले स्थान पर कंदुक क्रीड़ा और बाल कृष्ण के यमुना में कूदने का मंचन होगा। लीला को मूर्त रूप देने के लिए लगभग 40 मजदूर लगे हुए हैं।

सुरक्षा का होगा तगड़ा इंतजाम
तुलसी घाट पर होने वाली नाग नथैया की लीला में इस बार सुरक्षा व्यवस्था का तगड़ा इंतजाम रहेगा। पूरे मेला क्षेत्र को तीन जोन में बांटा गया है। पहला जोन गंगा को बनाया गया है। दूसरा जोन लीला स्थल को बनाया गया है और तीसरा जोन सड़क को बनाया गया है। इंस्पेक्टर भेलूपुर रमाकांत दुबे ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए सात इंस्पेक्टर, 40 पुरुष दरोगा, 20 महिला दरोगा, 160 पुरुष आरक्षी व 80 महिला आरक्षी समेत पीएसी के साथ जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीम रहेगी। पूरे मेला क्षेत्र के लिए अलग से कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। दोपहर दो बजे से घाट की तरफ जाने वाले रास्तों पर वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें