महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सोमवार को नैक के पहले दिन का निरीक्षण पूरा हुआ। पहले दिन सात सदस्यीय टीम ने पांच संकायों के 17 विभागों, 10 सेंटरों और लैब का मूल्यांकन किया। शाम को गांधी अध्ययन पीठ में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति में काशी की संस्कृति दिखाई गई। मंगलवार को लाइब्रेरी, केंद्र, भवन, भारत माता मंदिर, पांडुलिपि, खेल सुविधाओं, जिम, योग सेंटर का निरीक्षण होगा।
एनसीसी और एनएसएस के छात्र और छात्राओं ने नैक टीम का स्वागत किया। सोमवार को राधाकृष्णन हॉल में डीन, विभागाध्यक्षों, डायरेक्टर्स से टीम ने मुलाकात की। विधि संकाय, मानविकी संकाय, कॉमर्स, सोशल साइंस और शिक्षा संकाय में 8 घंटे तक निरीक्षण चला। टीम को विभागों में प्रेजेंटेशन दिखाया गया। नैक टीम ने पूरी जांच 2-3 सदस्यों में बांटकर की। छात्र-छात्राओं, प्रोफेसर और अधिकारियों से पूछताछ हुई। आम दिनों की तरह क्लासेज भी चलती रहीं।
चप्पे-चप्पे पर तैनात थे सुरक्षा गार्ड
कैंपस में चप्पे चप्पे पर सुरक्षा गार्ड और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम तैनात थी। वाहनों को पूर्व निर्धारित जगहों पर ही पार्क कराया गया। सड़कोें को देखकर लग रहा था कि निरीक्षण से कुछ घंटे पहले ही बनाई गई है। विद्यापीठ के बाहर पुलिस भी भी थी। वहीं, छात्रों को एकजुट होने से रोका जा रहा था। नैक टीम के आसपास किसी को नहीं आने दिया गया।
छात्राओं ने लगाई खिलौने की प्रदर्शनी
काशी विद्यापीठ में साफ-सफाई के साथ ही ललित कला के छात्र और छात्राओं ने अपने बनाए टेरोकोटा के खिलौनों और हाथ से बने मंडाला की प्रदर्शनी लगाई। वहीं, डिजाइनदार कुशन साथ ही छात्राओं की बनाई नेकलेस, ईयर रिंग्स, रेडीमेड कपड़े और लॉकेट भी रखे गए थे। छात्राओं ने बताया कि नैक टीम के निरीक्षण के दौरान पूरे तीन दिन तक ये स्टॉल लगे रहेंगे।