नियम है कि हर साल जैसे बाकी विभागों में फीस जमा की जाती है, उसी प्रकार नगर निगम में भी जमा करें। कुछ होटल कारोबारी लापरवाही के कारण लाइसेंस फीस नहीं जमा करते हैं। होटल कारोबारियों से आग्रह किया गया है लाइसेंस फीस जमा कर दें ताकि परेशानी से बच सके।
क्षेत्रफल, आमदनी, और कमरों के आधार पर तय होगा टैक्स
आने वाले दिनों में होटल पर लगने वाला कॉमर्शियल टैक्स क्षेत्रफल, आमदनी और कमरों के आधार पर लगेगा। इसी आधार पर होटलों से कर वसूला जाएगा। सर्वे के दौरान बगैर लाइसेंस वाले होटलों की भी पहचान की जाएगी। ताकि, उनसे भी वसूली की जा सके। इसके लिए सभी जोनल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।