पीएम मोदी, मायावती और राहुत गांधी (फाइल फोटो)
लोकसभा चुनाव में इस बार मुस्लिमों ने गठबंधन पर भरोसा जताया। मतदान के दिन तक यह बात कही जा रही थी कि मुस्लिमों ने कांग्रेस को वोट दिया है, लेकिन जब मतगणना हुई तो कुछ इलाकों को छोड़ दिया जाए तो सभी विधानसभाओं में मुस्लिमों का वोट गठबंधन के पाले में गया।
2014 के चुनाव में मुस्लिमों ने अरविंद केजरीवाल के पक्ष में मतदान किया था। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई दमदार प्रत्याशी नहीं होने से उन्होंने मतदान में भी कम दिलचस्पी दिखाई। मुस्लिम इलाकों में अधिकतर मत गठबंधन को मिले, जबकि कुछ वोट कांग्रेस के पाले में गए।
मुस्लिम मतों के साथ ही यादव और दलित के वोट मिलने के कारण ही सपा प्रत्याशी शालिनी यादव दूसरे नंबर पर रहीं। उन्हें 1,95,159 वोट मिले। जबकि कांग्रेस के अजय राय को 1,52,548 वोट मिले।
मुस्लिम नेताओं की मानें तो एक तो गर्मी और दूसरे रमजान का महीना था। इसके अलावा 2014 की तरह यदि यहां से अरविंद केजरीवाल जैसा प्रत्याशी होता तो शायद मुस्लिम और अधिक मतदान करते। इसी के चलते मतदान प्रतिशत 2014 के मुकाबले कम रहा।