काशी का संगीत घराना अब युवा पीढ़ी के भी काफी नजदीक होगा। इसे लेकर मुहीम शुरू की गई है जिसमें संगीत घराने से जुड़ी पद्मश्री सोमा घोष और पद्मश्री राजेश्वर आचार्य युवा पीढ़ी को बताएंगी की वर्तमान और पुरातन संगीत के बीच किस तरह की समानता है। इसके साथ ही शास्त्रीय संगीत के महत्व और इसके प्रभाव क्या होंगे इस पर भी चर्चा होगी।
वाराणसी में शास्त्रीय संगीत को नया रूप देने के लिए संगीत ग्राम के बैनर तले धीरेद्र महिला पीजी कालेज से शुरूआत हुई है। इस कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभा रही पद्मश्री सोमा घोष ने बताया कि भविष्य के कलाकार यानी बच्चों को प्रचीन संगीत से नवीनता की ओर कैसे जा रहे हैं और उस संगीत की विधा क्या है ये बताया जाएगा।
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इसके साथ ही संगीत परंपरा से जुड़े पद्मश्री राजेश्वर आचार्य ने भी संगीत की विधा आज के युग से कैसे जुड़े और लोग शास्त्रीय संगीत के महत्व को पहचान कर कैसे अलग स्थान दें इसकी शुरूआत की गई। बताया जा रहा है कि इससे आने वाले दिनों में संगीत का एक सहज और नया रूप सामने आएगा से संगीत परंपरा के अलग संदेश को प्रसारित करता नजर आएगा। कार्यक्रम से वॉलीवुड से गायक भी जुड़ रहे हैं।
बताते चलें कि बनारस का संगीत घराना पूरे विश्व में एक मुकाम रखता है ये परंपरा आगे और भी विस्तृत रूप में दिखाई दे इसके लिए ये बडृा प्रयास सामने आया है। कहा जा रहा है कि इसके द्वारा नयी पीढ़ी को शास्त्रीय संगीत से जोड़ा जाएगा और उसके महत्व को आधुनिक संगीत से मिलाकर बताया जाएगा।