घटना के बाद परिवार के लोग आनन-फानन में बबलू को लहूलुहान हालत में राजकीय महिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जानकारी मिलने पर अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह भी अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान बृहस्पतिवार की भोर में बबलू की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने बबलू के चाचा मोती सोनकर और उसके पुत्र गोलू उर्फ राजा के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ और आगे की कार्रवाई में जुटी है।सीओ पीडीडीयू अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बबलू सोनकर की हत्या के मामले में नामजद दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
ठेले पर पानी और भुट्टा बेचकर चलाता था परिवार
बबलू सोनकर ठेले पर पानी और भुट्टा बेचकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी की करीब दो वर्ष पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पहली पत्नी से उसकी दो बेटियां चार वर्षीय बच्ची और तीन वर्षीय बेबी हैं। करीब छह माह पहले बबलू ने आरती से दूसरी शादी की थी। उसकी मौत से परिवार के सामने भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।