सूचना पाकर पहुंचे मंडुवाडीह थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह और फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड ने साक्ष्य संकलन किया। इसी बीच पहुंचे एडीसीपी वरुणा प्रबल प्रताप सिंह ने भी घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की। घटनास्थल के ठीक सामने मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे को पुलिस ने खंगाला तो पूरा मामला स्पष्ट हो गया।
मंडुवाडीह थानाध्यक्ष राजीव सिंह के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि रात एक बजे जयदीप नशे में धुत होकर एक मकान का दरवाजा खटखटा रहा था, अक्सर वह उस घर में आता-जाता था। रात में दरवाजा नहीं खुलने पर मकान के पास ही खंडहरनुमा मकान की दीवार पर चढ़कर वह मकान के दूसरे हिस्से से अंदर प्रवेश करने की कोशिश में था।
इस बीच दीवार से नीचे ईंट के ढेर पर मुंह के बगल गिरने से उसकी मौत हुई। सीसीटीवी कैमरे में दिखा कि वह खंडहरनुमा मकान के अंदर जाने के बाद बाहर नहीं निकला। ऐसे में हत्या किए जाने की बात गलत है। उधर, जयदीप के भाई गुरुप्रसाद राणा ने अपने भाई की हत्या किए जाने का आरोप लगाया।
जयदीप के अनुसार उसके भाई की गांव की एक महिला के साथ अवैध संबंध थे, जिसे लेकर महिला के ससुर और जेठ, कुछ पट्टीदारों से रंजिश थी। उसी रंजिश में जयदीप की हत्या करके शव को फेंका गया।
इसी प्लाट में 12 वर्ष पूर्व भी हुई थी हत्या
गांव के लोगों ने बताया कि यह प्लाट स्व. कालिदास का है, जिनके पुत्र फजीयत की इसी प्लाट पर बारह साल पूर्व हत्या कर दी गई थी। इस प्लाट के मालिक चोलापुर में रहते हैं।