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नरोत्तमपुर में धारदार हथियार से शिक्षिका की हत्या

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वाराणसी। लंका थाना अंतर्गत नरोत्तमपुर नैपुरा कला में रविवार रात प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका निवेदिता सिंह (32) के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस की सूचना पर पहुंचे निवेदिता के पिता और परिजनों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा किया। पुलिस ने समझाबुझाकर उन्हें शांत कराया। पिता सुबोध सिंह की तहरीर पर निवेदिता के पति शैलेंद्र सिंह, ससुर रामधनी, चचेरे भाई शैलेष सहित आठ के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। वारदात के बाद से निवेदिता का मोबाइल गायब है। गायब मोबाइल को तलाशने के साथ ही पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
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सुबोध सिंह के अनुसार, निवेदिता के दिव्यांग पुत्री को जन्म देने, दहेज और घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराने, भरण-पोषण का खर्च लेने और ससुराल का घर न खाली करने से नाराज पति ने चचेरे भाई के साथ मिलकर हत्या कराई है। यह भी आरोप लगाया कि दूसरी महिला से संबंध होने के कारण निवेदिता से शैलेंद्र छुटकारा पाना चाहता था। दोनों के बीच मनमुटाव के बाद उनकी बेटी नाना-नानी के पास रहती थी।
बिहार के मूल निवासी सुबोध सिंह नगवां में परिवार के साथ रहते हैं। करीब 11 साल पहले सुबोध ने निवेदिता की शादी नरोत्तमपुर नैपुरा कला के रामधनी सिंह उर्फ कल्लू के बड़े बेटे शैलेंद्र से की थी। खाद कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत शैलेंद्र भिलाई में रहता है। उसका छोटा भाई सुमित उर्फ मंटू और पिता कल्लू नई दिल्ली में रहते हैं। परिजनों के अनुसार, निवेदिता ने नौ साल पहले दिव्यांग पुत्री खुशी को जन्म दिया था। शादी के छह साल तक दोनों भिलाई में साथ रहे। इस दौरान उसे दहेज में फ्लैट, कार और पांच लाख रुपये मायके से लाने के लिए लगातार प्रताड़ित किया गया तो वह लंका थाने में मुकदमा दर्ज करा कर बीते चार साल से अलग रहने लगी। इसके अलावा निवेदिता ने भरण पोषण के लिए और घरेलू हिंसा के आरोप में अदालत में मुकदमा दाखिल किया था।
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अलग रहने के बाद निवेदिता महेश नगर स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ाती थी। साथ ही घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। सोमवार दोपहर करीब दो बजे बच्चे ट्यूशन पढ़ने पहुंचे और दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला। पड़ोसियों ने अनहोनी की आशंका पर पुलिस को सूचना दी। लंका पुलिस दरवाजा खोल कर अंदर घुसी तो निवेदिता का खून से लथपथ शव जमीन पर पड़ा था और सामान बिखरे थे। इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने बताया कि धारदार हथियार से वार कर महिला की हत्या की गई है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीम गठित की गई है।
छत के रास्ते से घुसे हत्यारों और निवेदिता के बीच हुआ संघर्ष
निवेदिता और हत्यारों के बीच जमकर संघर्ष हुआ था। इसकी गवाही उनका कमरा दे रहा था। टेबल फैन, तकिया सहित अन्य सामान इधर-उधर पड़ा था। कई जगह खून और बाल के गुच्छे पड़े थे। माना जा रहा है कि दो से तीन लोगों ने निवेदिता के बाल पकड़कर इधर-उधर घसीटा होगा। लंका पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने कमरे से सैंपल एकत्र किए और डॉग स्क्वॉड ने तलाशी ली। पुलिस के अनुसार, हत्यारे मकान के पीछे से छत के रास्ते आए और उसी रास्ते से लौटे। वारदात रविवार रात 2:30 से 3 बजे के बीच हुई। कूलर वगैरह चलने के कारण पड़ोसियों को निवेदिता की चीख नहीं सुनाई दी होगी।
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