वाराणसी। मलहिया क्षेत्र की गायत्री नगर कॉलोनी निवासी अनिल यादव उर्फ गोरख की हत्या के पीछे जमीन विवाद की पुरानी रंजिश एक अहम वजह थी। शनिवार को अनिल के भाई सुनील यादव उर्फ करिया ने बताया कि भाई की हत्या करने वाले आरोपी घर के समीप ही एक प्लाट की चहारदीवारी बनाने का विरोध कर रहे थे। उन लोगों ने चहारदीवारी के निर्माण कार्य को लेकर देख लेने की धमकी दी थी। शुक्रवार की रात बाइक हटाने को लेकर विवाद हुआ। इसी विवाद की आड़ में रोशन द्विवेदी और उसके भाइयों सूरज व विवेक ने अंधाधुंध फायरिंग कर अनिल की हत्या कर दी। तीनों को तीन चारपहिया वाहन के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और रविवार को अदालत में पेश कर जेल भेज जाएगा।
लंका थाना अंतर्गत मलहिया क्षेत्र की गायत्री नगर कालोनी चौराहे पर मोमोज की दुकान के सामने खड़ी बाइक हटाने को लेकर शुक्रवार की रात दो पक्षों में विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद गायत्री नगर में रहने वाले रोशन ने अंधाधुंध फायरिंग कर अनिल की हत्या कर दी। उधर, स्थानीय लोगों के अनुसार रोशन और उसके भाई एक प्लाट पर कब्जा करना चाहते थे। इसका अनिल ने विरोध किया था। इस वजह से दोनों पक्षों में वर्चस्व की लड़ाई भी चल रही थी और अक्सर देख लेने जैसी बात सामने आती रहती थी। वहीं, शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस पर भारी गहमागहमी का माहौल रहा और परिजनों के साथ ही समाजवादी पार्टी के कई नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे। सभी की मांग यही थी कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। इस दौरान पोस्टमार्टम हाउस पर पीएसी, सात थानों की फोर्स और तीन सीओ के साथ एसपी सिटी मौजूद थे। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रकरण में चंदौली जिले के चकिया थाने के लालपुर के मूल निवासी और लंका क्षेत्र में रहने वाले रोशन द्विवेदी और उसके भाइयों विवेक उर्फ सोनू व सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों के कब्जे से तीन चारपहिया वाहन बरामद किए गए हैं।
दहशत में है अनिल का बेटा, पिता को देखने नहीं निकला बाहर
अनिल की हत्या के मासूम बेटा अजय दहशत में है। बताया जाता है कि शुक्रवार की रात अनिल पर हमले की सूचना मिलने के बाद अपनी मां रेखा के साथ अजय भी घटनास्थल पर गया था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद अनिल का शव अंतिम दर्शन के लिए घर ले जाया गया तो परिवार के लोग बिलखते हुए फूल-माला चढ़ाए। वहीं मासूम अजय घर के भीतर छुपकर रो रहा था। परिजनों ने बताया कि खून से लथपथ पिता को देख कर अजय कई बार उल्टी किया था और अब घर से बाहर निकलने का नाम ही नहीं ले रहा है। अकेले बैठ कर सिर्फ रोये जा रहा है। वहीं, अनिल का शव घर पहुंचते ही पत्नी रेखा और मां चंदावती की हालत बेसुधों जैसी थी। दोनों को संभालना परिवार के लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। घटना से लोग इस कदर गमगीन हैं कि अनिल के साथ ही आसपास के घरों में भी लगातार दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले।
पोस्टमार्टम हाउस से लेकर घर होते हुए घाट तक चौकस दिखी पुलिस
सीरगोवर्धनपुर क्षेत्र और आसपास के इलाके के हत्या जैसी घटना जब भी पूर्व में हुई है, लोगों ने बड़े पैमाने पर बवाल किया है। इसे देखते हुए शुक्रवार की रात से ही पुलिस अलर्ट थी। शनिवार को भी पोस्टमार्टम हाउस से लेकर अनिल के घर होते हुए हरिश्चंद्र घाट तक पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतती नजर आई। एहतियातन अभी भी मलहिया क्षेत्र में फोर्स तैनात की गई है और नजर रखी जा रही है कि घटना को लेकर माहौल न बिगड़ने पाए।
आरोपियों की कबीना मंत्री से करीबी, बीएचयू से सफारी बरामद
रोशन और उसके भाई विवेक उर्फ सोनू प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री के करीबी हैं। इसके मद्देनजर शनिवार को भी भाजपा नेता लंका थाने का चक्कर काटने के साथ ही पुलिस से संपर्क साधने में लगे रहे। हालांकि घटना को लेकर व्याप्त तनाव को देखते हुए पुलिस ने किसी को खास तवज्जो नहीं दी। उधर, शनिवार की सुबह बीएचयू कैंपस के डॉक्टर इंक्लेव में एक सफारी खड़ी दिखी, उस पर खून के धब्बे लगे हुए थे। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की सूचना पर पुलिस आई तो उससे 10 कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने सफारी को कब्जे में लेकर बताया कि रोशन और उसके दोनों भाइयों से संबंधित तीन चारपहिया वाहन कब्जे में लिया गया है।
वारदात में प्रयुक्त पिस्टल बरामद करना बना चुनौती
जिस लाइसेंसी पिस्टल से अनिल के पेट में एक गोली मारी गई और हवाई फायरिंग की गई थी, वह शनिवार को भी बरामद नहीं हो सकी। वारदात में प्रयुक्त पिस्टल को बरामद करने के लिए पुलिस की ओर से खोजबीन शनिवार की देर रात तक जारी रही। माना जा रहा है कि रोशन और उसके भाइयों के साथ जो अन्य लोग थे, वह पिस्टल लेकर भाग गए हैं। उधर, घटनास्थल के आसपास के लोगों ने बताया कि रोशन और अनिल के बीच शुक्रवार की रात बाइक हटाने को लेकर पहले कहासुनी हुई थी। मामला तूल पकड़ा तो अनिल के पक्ष के लोगों ने डंडे से रोशन को मार दिया। रोशन ने खुद को घिरता देखा तो अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस बीच अनिल के कुछेक साथियों ने भी हवाई फायरिंग की थी।
परिवार को सुरक्षा और आरोपियों को कड़ी सजा मिले
अनिल यादव उर्फ गोरख की हत्या की सूचना पाकर शनिवार को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव उर्फ लक्कड़ पहलवान, महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा, आनंद मोहन गुड्डू ,पूर्व पार्षद वरुण सिंह, युवजन सभा महानगर अध्यक्ष सत्यप्रकाश सोनकर सहित कई अन्य नेता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अनिल के भाई सुनील यादव और मामा शोमनाथ यादव से घटना की जानकारी लेकर सपा नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को घटना की जानकारी दी। जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से घटना में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की। आरोपियों के संबंध प्रदेश के एक कैबनेट मंत्री से होने के कारण मुकदमे में हीलाहवाली न करने के लिए भी कहा। इसके साथ ही अनिल के परिवार को सुरक्षा देने की मांग की गई।