कथासम्राट मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही में जश्न का माहौल है। प्रेमचंद की जयंती पर सजने वाले मेले में शामिल होने के लिए गांव के लोगों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुंशी जी की जयंती के लिए सज रहे लमही की रौनक रविवार को देखते ही बनती थी। मुंशी प्रेमचंद न्यास को सजाने के लिए सुबह से ही कारीगर लगे हुए थे।
रविवार को लमही में प्रवेश करते ही गांव में जश्न सरीखा नजारा था। साफ-सफाई के साथ ही प्रशासनिक अमला भी महोत्सव को मूर्त रूप देने में लगा हुआ था। मुंशी प्रेमचंद न्यास में पंडाल सजा रहे इद्दू ने बताया कि हम लोग सुबह से ही टेंट लगा रहे हैं। सोमवार को यहां बड़ा मेला लगेगा।
थोड़ी देर में किड्स गुरु कुल के बच्चे भी पहुंचे और उन्होंने मुंशी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। सीमांस, कौशल, सत्यम, स्वस्तिक और आलोक ने बताया कि उन्होंने प्रेमचंद की कई कहानियां पढ़ी हैं। आज वे उन कहानियों को रचने वाले मुंशी जी का गांव घूमने आए हैं।
बच्चे एक रुपये में देख सकेंगे प्रेमचंद की कहानियां
लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के पैतृक आवास में रविवार को ऑडियो-विजुअल शो का शुभारंभ कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने किया। यहां एक रुपये के टिकट पर बच्चे प्र्रेमचंद की कहानियों को देख और सुन सकेंगे। इसके उद्घाटन के बाद
प्रेमचंद सरोवर में चलेगी बोट
प्रेमचंद सरोवर में बोट चलाने की तैयारी की जा रही है। बच्चों को लमही में आने के लिए प्रोत्साहित करने और मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रेमचंद सरोवर में बोट चलेगी। इसका टिकट चार रुपये रखा जाएगा।
गांव के लोगों की टीस, बाकी दिनों में नहीं दिखती ऐसी रौनक
गांव के आनंद कुमार पटेल ने कहा कि प्रेमचंद जयंती करीब आते ही प्रशासनिक अमला तो सक्रिय हो जाता है लेकिन साल के बाकी दिनों में महान शब्दकार के गांव में कोई साहित्यिक चहल-पहल नहीं नजर नहीं आती। राजनेताओं को तो लमही और प्रेमचंद की चिंता ही नहीं। अब तक यहां कोई नहीं पहुंचा।