यूपी के झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी की ने कोर्ट से गुहार लगाई है। उसने कहा है कि पुलिस उसका एनकाउंटर करना चाहती है। मुन्ना बजरंगी ने बनारस के कैंट थाने के बड़े सिंह-छोटे सिंह दोहरे हत्याकांड से जुड़े मामले में आवेदन दिया है। बजरंगी इस मामले में आरोपी है।
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मोहम्मद गुलाम उल मदार की कोर्ट में मुन्ना बजरंगी की ओर से आवेदन पत्र दाखिल किया गया है। आवेदन पत्र में आरोप है कि झांसी के डीएम, एसपी और एएसपी अभिषेक तिवारी बजरंगी को कारागार से बाहर निकाल कर फर्जी मुठभेड़ में मारना चाहते हैं। कोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए नौ मई की तिथि नियत की है।
उसके अधिवक्ताओं ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि सुरक्षा के संबंध में अविलंब समुचित निर्देश नहीं दिया गया तो न्यायिक अभिरक्षा में बजरंगी की हत्या की जा सकती है। झांसी के डीएम, एसपी और कारागार अधीक्षक को नोटिस जारी कर आख्या तलब करने और सुरक्षा का निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया।
इसके पूर्व 21 मार्च को कारागार महानिरीक्षक और अधीक्षक को पत्र भेजकर चार अप्रैल तक स्पष्टीकरण तलब किया गया था। जिसमें कहा गया था कि नौ मार्च को एसटीएफ के दो जवान झांसी कारागार में आए और निरुद्ध कुछ बंदियों को साजिश में लेकर बजरंगी के भोजन में विषाक्त पदार्थ मिला कर उसकी हत्या की साजिश रची।
नतीजतन, बजरंगी के जीवन पर संकट पैदा हो गया था। एसटीएफ के जवानों के आने-जाने की गतिविधि सीसीटीवी में कैद है। आरोपी ने कारागार में ही हत्या की आशंका जताई थी। इस बाबत कोर्ट ने आख्या तलब की थी जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई।