आईआईटी बीएचयू के एनसी जैन स्कूल ऑफ डिसीजन साइंस एंड इंजीनियरिंग में आयोजित कार्यशाला में नेट जीरो संक्रमण के मापन से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई। बतौर मुख्य अतिथि एनसी जैन स्कूल के समन्वयक प्रो. प्रभाष भारद्वाज ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में बहुविषयक दृष्टिकोण रखने को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में शोध, नवाचार पर भी ध्यान देने की जरूरत है। आईआईटी के वर्चुअल सस्टेनेबिलिटी डेवलपमेंट सेंटर में प्रो. प्रभाष ने जलवायु मापन उपकरणों पर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को एक मंच पर लाने की पहल की सराहना की। कार्यशाला संयोजक डॉ. चेरियन सैमुअल ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य ग्रीनहाउस गैस लेखांकन, लाइफ साइकिल असेसमेंट, कार्बन बाजारों के क्षेत्र में व्यावहारिक क्षमताओं का विकास कर भारत के नेट-जीरो संक्रमण को सशक्त बनाना है। दिल्ली से डॉ. आनंद जायसवाल ने लाइफ साइकिल असेसमेंट, कार्बन क्रेडिट्स के बारे में बताया। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. अभिषेक मुद्रल ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से जीएचजी उत्सर्जन में कमी के लाभों के बारे में बताया। कार्यशाला में गौरव उपाध्याय, मानसी सिंह, प्रिंस तिवारी, अभिषेक, लोकेश आदि लोग मौजूद रहे।