Mafia Mukhtar Ansari: 60 वर्ष के माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ गाजीपुर, वाराणसी, मऊ और आजमगढ़ के अलग-अलग थानों में 61 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से आठ मुकदमे ऐसे हैं, जो कि जेल में रहने के दौरान दर्ज हुए थे।
अंतरराज्यीय गिरोह आईएस-191 के सरगना माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ वाराणसी के कैंट, भेलूपुर, बड़ागांव और चेतगंज थाने में आठ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से दो मामलों में मुख्तार अंसारी निचली अदालत से बरी भी हो चुका है। दो अन्य मामलों में अदालत में पुलिस की ओर से अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है।
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60 वर्ष के माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ गाजीपुर, वाराणसी, मऊ और आजमगढ़ के अलग-अलग थानों में 61 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से आठ मुकदमे ऐसे हैं, जो कि जेल में रहने के दौरान दर्ज हुए थे। ज्यादातर मामले हत्या से संबंधित हैं। सबसे ज्यादा मुकदमे उसके गृह जिले गाजीपुर में दर्ज हैं।
नौ मुकदमे मऊ और नौ मुकदमे वाराणसी में दर्ज हैं। राजधानी लखनऊ में भी सात मामले दर्ज हैं। 61वां मुकदमा गाजीपुर के मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में उसरी चट्टी हत्याकांड को लेकर दर्ज हुआ था। मऊ दंगे के बाद मुख्तार अंसारी ने 25 अक्तूबर 2005 को गाजीपुर कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद से जेल में बंद है।
माफिया मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी व उसके परिवार के लोगों के खिलाफ 97 मुकदमे दर्ज हैं। अफजाल अंसारी पर सात व सिबगतुल्लाह अंसारी पर तीन, मुख्तार की पत्नी आफ्शां अंसारी पर 11, मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर आठ, उमर अंसारी पर छह और अब्बास की पत्नी निखत बानो पर एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है। आफ्शां अंसारी और उमर अंसारी मौजूदा समय में फरार घोषित हैं। ये भी पढ़ें: 26 वर्ष बीते, लेकिन बनारस के रूंगटा परिवार को नहीं मिला न्याय, शव तक नहीं मिला था
वाराणसी में मुख्तार अंसारी पर दर्ज मुकदमे
- 25 अक्तूबर 1988 को आजमगढ़ के ढकवा के संजय प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के खिलाफ कैंट थाने में हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में नौ अगस्त 2007 को मुख्तार को दोषमुक्त कर दिया गया।
- 24 जुलाई 1990 को शिवपुर के देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्तार अंसारी सहित अन्य के खिलाफ अपहरण और डकैती के आरोप में बड़ागांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में 27 सितंबर 1990 को पुलिस की ओर से कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी गई।
- तीन अगस्त 1991 को हत्या के आरोप में मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों के खिलाफ पूर्व विधायक अजय राय ने चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। अवधेश राय की हत्या से संबंधित यह मुकदमा अदालत में विचाराधीन है।
- 23 जनवरी 1997 को जवाहर नगर एक्सेंटशन निवासी महावीर प्रसाद रूंगटा ने अपने भाई नंद किशोर रूंगटा के अपहरण के आरोप में भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान अपहरण और हत्या के आरोप में मुख्तार अंसारी सहित पांच आरोपियों का नाम सामने आया। साक्ष्य के अभाव में निचली अदालत ने आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। यह मामला अब हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
- छह फरवरी 1998 को भेलूपुर थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
- एक दिसंबर 1997 को जवाहर नगर एक्सटेंशन निवासी महावीर प्रसाद रूंगटा ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ भेलूपुर थाने में धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा अदालत में विचाराधीन है।
- 17 जनवरी 1999 को नंद किशोर रूंगटा के बेटे नवीन रूंगटा ने भेलूपुर थाने में मुख्तार के खिलाफ धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में 30 मार्च 1999 को पुलिस की ओर से कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी गई थी।
- 20 जुलाई 2022 को कैंट थाने में आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य आरोपों में कचहरी चौकी इंचार्ज विनोद कुमार मिश्रा की तहरीर के आधार पर मुख्तार के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला अवधेश राय हत्याकांड से संबंधित पत्रावली के गायब होने से जुड़ा है। मामला अदालत में विचाराधीन है।