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छह साल के बाद मऊ में आया मुख्तार अंसारी

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दीवानी कहचरी में मुख्तार अंसारी की पेशी के बाद वज्रवाहन से जाने के बाद जुटी अधिवक्ताओं और अन्य लो - फोटो : MAU
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मऊ। मन्ना सिंह हत्याकांड में जिला जज की कोर्ट में पेशी के दौरान छह वर्ष पूर्व मुख्तार अंसारी जिले में आया था। जबकि फैसले के दिन भी कोर्ट में नहीं आया। तब से पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से होती चली आ रही है। बीच में एमपी एमएलए कोर्ट प्रयागराज में स्थापित होने के चलते उससे संबंधित सभी पत्रावलियां प्रयागराज में चली गई। मामले में पेशी भी वहीं होती रही। जिले में एमपी/एमएलए कोर्ट स्थापित होने के बाद मुख्तार अंसारी की पत्रावली पुन: प्रयागराज कोर्ट से वापस मऊ न्यायालय में आ गई। इसके बावजूद पेशी वीसी से होती रही। दक्षिणटोला थाना के असलहा प्रकरण के मामले में की गई पैरवी को आधार बनाते हुए मुख्तार अंसारी के विरुद्ध जनवरी 2020 में मुकदमा दर्ज हुआ। इसी मुकदमे के आधार पर मुख्तार के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में नामजद चारों आरोपियों के कोर्ट में पेश न होने पर आरोप तय नहीं हो पा रहे थे। जिस पर विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट ने नौ सितंबर को मुख्तार अंसारी सहित चारों आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया था। जिस पर बांदा से मुख्तार अंसारी की बृहस्पतिवार को इस मामले में पेशी हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट से बाहर निकलकर वज्र वाहन में बैठने से पहले मीडियाकर्मियों ने मुख्तार अंसारी से बातचीत करनी चाही। जिस पर मुख्तार ने किसी के अभिवादन पर उसका जवाब सलाम से देेते हुए मीडिया से कहा कि बोलने पर पाबंदी है। कोर्ट में सुनवाई के बाद निकलते समय पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कड़ी रखी थी। इससे पहले सुबह से बड़े पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। सुबह से मुख्तार अंसारी के आने न आने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन इस कयास को आखिरकर तब विराम लगा जब वज्र वाहन से मुख्तार पेशी के लिए नीचे उतरा। मुख्तार अंसारी एक घंटे तक कोर्ट के अंदर रहा। वह सुबह 11.45 बजे कोर्ट में पहुंचा। आरोप तय होने और अगली तिथि नियत होने के बाद उसका हस्ताक्षर कराया गया। इस दौरान उसके साथ कोर्ट में तीन अन्य आरोपी भी मौजूद रहे। कार्यवाही पूरी होने में एक घंटे का समय लगा। इसके बाद सुरक्षा घेरा बनाकर पुलिस उसे बाहर लाई और वज्र वाहन में बैठा दिया। किसी से भी मुख्तार अंसारी की बात नहीं हो सकी। पेशी के दौरान कचहरी परिसर में कड़ी सुरक्षा रही। एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, सीओ मधुबन अभय कुमार सिंह, सीओ नगर धनंजय मिश्रा, शहर कोतवाल संजय उपाध्याय, निरीक्षक प्रशांत श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में पुलिस, पीएसी तथा एलआईयू के लोग सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे।

दीवानी कहचरी में पेशी के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच बाहर निकालने के बाद बज्रवाहन में बैठने के दौरान ?- फोटो : MAU

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