घटनास्थल पर मौजूद पुलिस आयुक्त और डीएम
- फोटो : अमर उजाला
दोषीपुरा इलाके में पथराव और तोड़फोड़ के कारण दो घंटे से ज्यादा समय तक माहौल अराजक रहा। भारी संख्या में पुलिस बल के आने के बावजूद उपद्रवी पथराव करने से बाज नहीं आए। पुलिस ने जब लाठी लेकर गलियों के भीतर तक खदेड़ना शुरू किया, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई। इस बीच इलाके की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपने घरों के भीतर दुबके नजर आए।
पथराव और तोड़फोड़ के बाद स्थिति सामान्य हुई तो पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली है। डीवीआर से उपद्रव की फुटेज ली।क्षेत्र के अन्य सीसी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। साथ ही, दोषीपुरा इलाके के जिन लोगों ने पथराव और तोड़फोड़ की रिकॉर्डिंग मोबाइल से की थी, पुलिस ने उनसे वीडियो भी लिया है। जैतपुरा थाने की पुलिस ने कहा कि सीसी कैमरों की फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से पथराव में शामिल एक-एक आरोपी को चिह्नित कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पथराव के कारण शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों के ताजिये क्षतिग्रस्त हो गए। इससे नाराज लोग ताजिया को दफनाने के लिए ले जाने से मना कर दिया और धरने पर बैठ गए। पुलिस आयुक्त ने सभी को समझा-बुझाकर शांत कराया और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर सभी माने और ताजिया लेकर आगे बढ़े। इसके साथ ही सुन्नी समुदाय के परंपरागत ताजियों को भी आगे के लिए रवाना किया गया। वहीं, जिन ताजिया को इजाजत नहीं थी, वह वापस दूसरे रास्ते से आगे बढ़े।