बीएचयू के दंत चिकित्सा संकाय में राष्ट्रीय मुख कैंसर दिवस के अवसर पर आयोजित परिचर्चा में डॉक्टरों ने मुख कैंसर के कारण और बचाव पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य वक्ता पूर्व संकाय प्रमुख प्रो. टीपी चतुर्वेदी ने कहा कि साल दर साल मुख कैंसर के रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। आईसीएमआर की ओर से कराए गए अध्ययन में पिछले छह सालों में ऐसे रोगियों की संख्या 114 प्रतिशत बढ़ी है।
संकाय के आर्थोडोंटिक सेमीनार हाल में आयोजित परिचर्चा में प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि वर्ष 2012 में जहां देश में मुख कैंसर के मरीजों की संख्या 56 हजार थी, वहीं 2018 में यह संख्या बढ़कर एक लाख सोलह हजार हो गई है। रोगियों में 40 साल के नीचे वालों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि मुख कैंसर, हृदय रोग के बाद सबसे ज्यादा होने वाली मौत का कारण है।
अमूमन लोग यही जानते हैं कि धूम्रपान, गुटखा, पान, शराब का सेवन ही मुख कैंसर के लक्षण है, लेकिन भोजन करते समय या थूंक घूंटने में दर्द महसूस होना, आवाज में बदलाव, मुंह में सात से ज्यादा दिनों तक घाव रहना भी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। इंडियन डेंटल एसोसिएशन वाराणसी शाखा के सचिव डॉ. आलोक सिंह ने कहा कि मुख कैंसर से बचाव के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
दंत प्रत्यारोपण, जबड़ा कैंसर पर कल होगी चर्चा
एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेसियल सर्जन आफ इंडिया (एओएमएसआई) का वार्षिक अधिवेशन आठ दिसंबर को मनाया जाएगा। दंत चिकित्सा संकाय के तत्वावधान में आयोजित अधिवेशन में दंत प्रत्यारोपण, मुख-जबड़ा कैंसर सहित कई बीमारियों पर चर्चा होगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. नरेश शर्मा, सचिव डॉ. नीरज धीमान ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इसी दौरान संगठन की 50वीं वर्षगांठ भी मनाई जाएगी। अधिवेशन में मुख, चेहरे, जबड़े का फ्रैक्चर, कैंसर, ट्यूमर, कटे होट और तालू, दंत प्रत्यारोपण के ऑपरेशन आदि पर देश भर से आए 200 डेंटल सर्जन भाग लेंगे।
समारोह की शुरुआत सुबह छह बजे मैराथन दौड़ के साथ होगी। बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, विशिष्ट अतिथि चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. वीके शुक्ला सहित कई लोग मौजूद रहेंगे।