ब्रम्हचारी जी महाराज 4 करोड़ रुपए की लागत से गंगा किनारे चौबेपुर क्षेत्र में 56 सीढ़ियों वाले एक घाट का निर्माण भी करा रहे थे। जिसका शिलान्यास केंद्रीय मंत्री महेंद्र पांडेय ने किया था।
वाराणसी में मौनी बाबा के परम शिष्य ब्रम्हचारी जी महाराज (75) का मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। बुधवार को गंगा किनारे उन्हें भू-समाधि दी जाएगी जिसकी तैयारी चल रही है। ब्रम्हचारी जी महाराज ने 12 साल तक यहां अखंड रामायण पाठ अनवरत कराया था और ख्याति प्राप्त की थी।
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ब्रम्हचारी जी महाराज 4 करोड़ रुपए की लागत से गंगा किनारे चौबेपुर क्षेत्र में 56 सीढ़ियों वाले एक घाट का निर्माण भी करा रहे थे। जिसका शिलान्यास केंद्रीय मंत्री महेंद्र पांडेय ने किया था।
महाराज जी की मौत पर पूरे इलाके के लोग गमगीन हैं। इनको भू समाधि मौनी बाबा आश्रम में दी जायेगी। अचानक दिल का दौरा पड़ने के बाद गांव के दुष्यंत सिंह मोनू, काशी विद्यापीठ छात्र संघ के पूर्व मंत्री सुधीर सिंह लेकर बीएचयू पहुंचे। वहां प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने भर्ती कराया जहां उनकी मौत हो गई।