वाराणसी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माधोपुर की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. सौम्या नवल रोजाना कोरोना संक्रमण की जंग जीतने के संकल्प के साथ घर से सुबह निकलती हैं। डाक्टर पति मुंबई में मरीजों की सेवा में लगे हैं और यहां घर पर बच्चों को नानी के सहारे छोड़ डॉ. सौम्या संक्रमित इलाकों में अपनी टीम के साथ घर-घर लोगों की जांच और उन्हें जागरूक करने में लगी हैं। उनका कहना है कि बाहर रहने पर बच्चों की चिंता तो रहती है लेकिन संक्रमण को खत्म करने की चुनौती को स्वीकार करते हुए जंग लड़ने का जो बीड़ा उठाया है, उसे पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ना है। बताया कि मरीजों के अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जाने पर दोहरी खुशी मिलती है।
घर पर बच्चों की देखभाल, बाहर मरीजों की चल रही सेवा
वाराणसी। भेलूपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीषा पांडेय इस समय एक साथ दोहरी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। घर में दो छोटे बच्चों को उनके बाबा के हवाले छोड़कर वह एक महीने से रोजाना सुबह हॉट स्पॉट इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीजों के घर परिजनों के सेहत की मॉनिटरिंग के साथ ही लोगों की स्क्रीनिंग के लिए निकल पड़ती हैं। उनका कहना है कि संक्रमण के इस दौर में घर में बच्चों की देखभाल के साथ ही बाहर भी लोगों की देखभाल करना कर्तव्य है। बताया कि पति के भी डाक्टर होने की वजह से मरीजों की सेवा में कभी कोई बाधा नहीं आई। और तो और बच्चे भी समझदार हो गए हैं। वो भी कोरोना को हराकर ही घर लौटने की बात कहते हैं। बच्चों की यह बात सुनकर उनके साथ साथ खुद पर गर्व होता है कि मैं ऐसे बच्चों की मां हूं, जो खुद की खुशी को भूलकर मुझे मरीजों की सेवा में जाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।