मां ने कर्ज लेकर दी थी हॉकी किट
पूर्णिमा की मां अमरावती ने कर्ज लेकर बेटी के लिए हॉकी किट खरीदी थी। इसके बाद पूर्णिमा गोरखपुर चली गईं। पूर्णिमा ने मणिपुर में खेली गई राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था।
ड्रैग फ्लिक की एक्सपर्ट हैं पूर्णिमा
कोच सतनाम कौर ने बताया कि सब जूनियर नेशनल खेल चुकीं पूर्णिमा पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में एक्सपर्ट हैं। उनके ड्रैग फ्लिक विरोधी टीम के गोलकीपर को मुश्किल में डाल देते हैं। खेल के अंतिम समय में विरोधी टीम को चकमा देकर गोल करने में उन्हें महारथ हासिल है। नेशनल कैंप में भी हिस्सा ले चुकी हैं।
हॉकी में वाराणसी की बेटियां लगातार अच्छा कर रही हैं। पूजा यादव भी आस्ट्रेलियन सीरीज खेल चुकी हैं। अब पूर्णिमा को जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप की टीम में जगह मिली है। इससे बेटियां उत्साहित होंगी। वह हॉकी खेलने के लिए आगे आएंगी। - डॉ. एके सिंह, अध्यक्ष, हॉकी वाराणसी