नरिया प्राथमिक विद्यालय के पास बालमुकुंद पांडेय का मकान है। बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हुए बालमुकुंद की दो साल पहले मौत हो गई थी। आसपास के लोगों के मुताबिक बालमुकुंद पांडेय का एक बेटा अखिलेश इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता है जबकि दूसरा बेटा इस समय चोलापुर में एक पोल्ट्री फार्म चलाता है। मकान में बालमुकुंद की पत्नी सुनीता पांडेय (55) और बेटी दीपिका पांडेय (28) रहती थी। पुलिस के अनुसार सुनीता का शव कमरे में पड़ा था जबकि बेटी दीपिका पांडेय का शव बरामदे में था। उनके शरीर पर कपड़े कपड़े नहीं थे।
मकान के बंटवारे को लेकर था विवाद
पिता की मौत के बाद दोनों बेटे और मां के बीच मकान के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ तो बेटों ने अपने हिस्से का बना घर गिरवा दिया था। मां अपनी बेटी दीपिका के साथ यहीं पर रहती थी। मकान से दुर्गंध उठने की जानकारी आसपास के लोगों ने चोलापुर में रहने वाला बेटे को दी तो वह घर पहुंचा और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी तो शव मिले।