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वाहनों के पंजीकरण में खेल में फेल हुए एआरटीओ

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वाराणसी। दूसरे राज्यों से चोरी करके लाये जा रहे वाहनों के पूर्वांचल में पंजीकरण के खेल में एक और एआरटीओ निलम्बित हो गए। वाराणसी में एआरटीओ प्रशासन अरुण कुमार राय पांच साल पहले सोनभद्र में ऐसे एक मामले में आरोपी बनाए गए हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में अरुणाचल प्रदेश के एक वाहन को सोनभद्र में पंजीकृत किया था। जांच में यह चोरी का वाहन मिला था और एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ। जिसने अलग अलग जिलों में तैनात एआरटीओ की मदद से 50 से ज्यादा चोरी के वाहन उतर प्रदेश में पंजीकृत करा लिए गए थे। आरटीओ ऑफिस में दूसरे प्रदेशों से चोरी के वाहनों के पंजीकरण कराने के मामले में एआरटीओ प्रशासन अरुण कुमार राय आखिर फेल हो गए। प्रदेश में हुई कार्रवाई में तीन एआरटीओ शासन से निलंबित हुए हैं। इस कार्रवाई के बाद आरटीओ आफिस में हड़कम्प मचा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही कुछ और लोगो पर भी गाज गिर सकती है। यहां बता दें आरटीओ आफिस में दूसरे राज्यों से चोरी कर आने वाली गाड़ियों का पंजीकरण का खेल लंबे समय से चल रहा था। अब तक बनारस में 50 से अधिक चोरी के वाहनों का न केवल पंजीकरण हुआ है बल्कि इसका खुलासा भी हो चुका है। अब शासन द्वारा एआरटीओ को निलंबित करने के बाद इस खेल में शामिल लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। वाराणसी समेत पूर्वांचल में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो अरुणाचल प्रदेश सहित अन्य जगहों से चोरी करके आई गाड़ियों का पंजीकरण कराने में सफल हो जाता है। पिछले दिनों ही मामला सामने आने के बाद शासन स्तर से इसकी जांच भी कराई गई थी>
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पहले भी एक एआरटीओ का हुआ है निलंबन
वाहनों के पंजीकरण के खेल में इसके पहले भी एक एआरटीओ सर्वेश कुमार निलंबित हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि एआरटीओ प्रवर्तन रहे सर्वेश कुमार के निलंबन के बाद ही अरुण कुमार राय को उनका भी चार्ज दिया गया था। सर्वेश के कार्यकाल में भी फर्जी तरीके से पंजीकरण हुआ था।
ई रिक्शा पंजीकरण की चल रही जांच पर टिकी नजर
जिले में गलत तरीके से ई-रिक्शा पंजीकरण की चल रही जांच पर सभी की नजर टिकी है। आरटीओ आफिस में ई-रिक्शा के पंजीकरण में धांधली को लेकर जांच की फाइल खुल गई है। पिछले दिनों ई रिक्शा पंजीकरण की फाइल भी लखनऊ मंगाई गई थी।बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की इस कार्यवाही के बाद इस प्रकरण में भी ठोस कार्रवाई हो सकती है।
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