शिया जमात काली पट्टी बांटकर मनाएगी ईद
ईरान के सुप्रीम लीटर अय्यातुल्लाह अली खामनेई के युद्ध में मारे जाने पर शिया जमात ईद सादगी से मनाएगा। बांह में काली पट्टी बांधेंगे। मुनाजिर अली मंजू ने बताया कि दावतों व ईद मिलन की पार्टियां नहीं होंगी। सादगी से ईद मनाई जाएगी।
ईद की खरीदारी को उमड़ी भीड़
चांद रात होते ही बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। जो अभी तक कपड़ों और खानपान की सामग्री नहीं खरीदे थे। उनकी भीड़ दिखी। नई सड़क, दालमंडी में जबर्दस्त भीड़ रही। खासकर युवा ज्यादा पहुंचे थे। वे जींस, शर्ट, जूटा, चपल आदि की खूब खरीदारी की। जलालीपुरा, अर्दली बाजार, पीलीकोठी, बड़ी बाजार, मदनपुरा, बजरडीहा, लोहता आदि इलाकों में रात तक लोग खरीदारी में जुटे रहे।
घाटों के शहर में चांद की दस्तक।
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जोन के 2831 मस्जिदों और 1841 ईदगाह पर होगी ईद की नमाज
ईद की नमाज को लेकर वाराणसी जोन के नौ जिलों में पुलिस की विशेष सतर्कता है। 170 क्यूआरटी की सुरक्षा में 2831 मस्जिदों और 1841 ईदगाह पर नमाज होगी। 18 जगहों पर जुलूस निकाली जाएगी। 340 हाटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। वाराणसी एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने बताया कि चंदौली में 240 और 53 ईदगाह पर नमाज होगी। गाजीपुर में 354, जौनपुर में 351, आजमगढ़ में 767, मऊ में 324, बलिया में 363, मिर्जापुर में 248, सोनभद्र में 81 और भदोही में 103 जगहों पर नमाज होगी। आजमगढ़ में छह जगहों पर जुलूस और 1064 ईदगाह पर नमाज अता की जाएगी।
मुकद्दस रमजान में दो अलविदा जुमे का तोहफा, चांद के दीदार के साथ ईद की खुशियां
मुकद्दस रमजान में पांच जुमे और दो अलविदा जुमे का तोहफा मिला तो मोमिनीनों के चेहरे खुशी के खिल उठे। हर छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाजियों का हुजूम उमड़ा था। अकीदत और एहतराम से अलविदा जुमे नमाज अदा की। एक बार फिर अलविदा, अलविदा माहे रमजान अलविदा... की सदाएं गूंजीं। नमाजियों ने रब से दुनिया में अमन कायम करने की दुआएं मांगी। मस्जिदों के पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
इस बार 32 साल बाद रमजान फरवरी और तीन साल बाद पांच जुमे मिले थे। शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज को लेकर सुबह से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में चहल पहल रही। बच्चे खासे उत्साह दिखे। काफी मस्जिदों में अजान के पहले ही नमाजी पहुंचे गए थे। मस्जिदों के छत, सीढि़यों और बेसमेंट में भी नमाज पढ़ने के लिए भीड़ रही। उलेमाओं ने तकरीर में रमजान, रोजा और जुमा की फजीलत बयां की। नमाज अदाकर दुनिया में जंग और अशांति के माहौल में खुदा से अमन की गुहार लगाई।
धरहरा आलमगीर मस्जिद में मौलाना मोहम्मद अहमद, नदेसर जामा मस्जिद मौलाना आसिफ, मस्जिद शक्कर तालाब में मौलाना मोइनुद्दीन अहमद फारुकी प्यारे मियां, लाट मस्जिद लाट में मौलाना जियाउर्हमान, मस्जिद लंगड़े हाफिज में मौलाना जकीउल्लाह असदुल कादरी ने नमाज अदा कराई।
उल्फत बीबी अर्दली बाजार में मौलाना साकिब रजवी, मस्जिद मुगलिया बादशाह में मौलाना हाफिज हसीन अहमद हबीबी, मस्जिद याकूब शहीद नगवां में हाफिज मोहम्मद ताहिर, मस्जिद बुलाकी शहीद अस्सी में मौलाना मुजीब, मस्जिद खाकी शाह में मौलाना मुनीर, जामा मस्जिद बक्शी अंधरापुल में मौलाना हकीमुद्दीन, मस्जिद नवाब टोंक अर्दली बाजार मौलाना हारुन रशीद नक्शबंदी ने नमाज अदा कराई।