बीएचयू के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय परिचर्चा के पहले दिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े विभिन्न आयामों पर पर शिक्षाविदों ने मंथन किया। मुख्य अतिथि एनसीटीई के चेयरमैन संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि शिक्षकों के मूल्यांकन के लिए एक मॉड्यूल बनाया जा रहा है, यह शिक्षकों के लिए बहुत लाभकारी है। इससे वह अपने कॅरियर का भी विकास कर सकेंगे।
महामना सभागार में आयोजित समारोह में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े सारंगी ने कहा कि शिक्षकों का नियुक्ति पूर्व और नौकरी के दौरान दोनों समय ही प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। एनसीटीई के सचिव केसांग वाई शेरपा ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एचसीएस राठौर ने कहा कि एनपीएसटी के मसौदे को बड़ी मेहनत से बनाया गया है। इस दौरान डॉ. रचना श्रीवास्तव, प्रो. सुषमा घिल्डियाल, डॉ. अखिल मेहरोत्रा, अभिनव सिंह, प्रो. मधुलिका अग्रवाल, डॉ. एनके शाही, प्रो. डीके दुरेहा, डॉ. राजीव व्यास आदि मौजूद रहे।