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निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का प्रवेश अब होगा ऑनलाइन

Thu, 12 Jan 2017 06:48 PM IST
टीम डिजिटल, वाराणसी
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निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का प्रवेश अब ऑनलाइन
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 शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का प्रवेश अब ऑनलाइन होगा। सत्र 2017-18 से अभिभावक अपने बच्चों का फार्म घर बैठे ऑनलाइन भर सकेंगे। इसके लिए अभिभावकों को अब बेसिक शिक्षा विभाग और निजी स्कूलों के पास बार-बार नहीं जाना पड़ेगा। 
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प्रदेश सरकार द्वारा नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12 (1) सी के तहत गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की कवायद की जा रही है।
जिसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा जिले के टॉप टेन मान्यता प्राप्त अशासकीय, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर कक्षा एक अथवा पूर्व माध्यमिक स्तर की कक्षाओं में प्रवेश कराया जा रहा है।
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इसके लिए नर्सरी और कक्षा एक में प्रवेश दिलाया जा रहा है। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदन के बाद बीएसए द्वारा गरीब बच्चों का प्रवेश निजी स्कूलों में कराया जाता है।
बीते वर्ष 2016-17 में पहले चरण में 89 बच्चों और दूसरे चरण में 242 बच्चों के प्रवेश कराया था।
बीते वर्ष अभिभावकों से ऑफलाइन फार्म जमा कराया गया था। प्रभारी और जिला समन्वयक समेकित शिक्षा केशराज सिंह ने बताया कि सत्र 2017-18 से गरीब बच्चों के प्रवेश के लिए अभिभावक ऑनलाइन आवेदन करेंगे। जिसकी सूची निकाल कर जिलाधिकारी के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।

इनको मिलेगा योजना का लाभ
  शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत बिना लाभ वाले समूह में अनुसूचित जाति व जनजाति अथवा पिछड़ा वर्ग के अभिभावक, कैंसर, एचआईवी पीड़ित के बच्चे तथा नि:शक्तता, निराश्रितों के बच्चों का प्रवेश हो रहा है। इसी प्रकार दुर्बल वर्ग में एक लाख से कम वार्षिक आय, विकलांगता, वृद्धावस्था और विधवा पेंशनधारक और बीपीएल कार्डधारकों के बच्चों को प्राथमिकता पर प्रवेश दिलाया जाएगा। 
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