नवनियुक्त बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश द्विवेदी ने मिर्जापुर के स्कूल में गुरुवार को बच्चों को मिड-डे मील में रोटी-नमक देने के मामले में वहां के डीएम से रिपोर्ट तलब की है। द्विवेदी ने शुक्रवार सुबह मिर्जापुर के डीएम को फोन कर मामले की जानकारी ली और प्रथम दृष्टया जमालपुर ब्लॉक स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिउर के दोषी रसोइया, शिक्षक, प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शनिवार सुबह तक मामले की रिपोर्ट तलब की है।
द्विवेदी ने कहा कि मामले में दोषी किसी भी अधिकारी को बक्शा नहीं जाएगा, शनिवार को रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने मिड डे मील की निगरानी के लिए स्कूलों में मां समितियां गठित की है। द्विवेदी ने आह्वान किया कि समितियों में शामिल बच्चों की माताओं को भी समय-समय पर स्कूलों में मिड-डे मील वितरण का निरीक्षण करना चाहिए।
प्रधान की जांच का निर्देश
डीएम अनुराग पटेल ने डीपीआरओ अरविंद कुमार को ग्राम प्रधान की भूमिका की जांच का निर्देश दिया है। इस प्रकरण में प्रधान की भूमिका क्या है, इसकी जांच की जाएगी। माना जा रहा है कि उस पर भी कार्रवाई हो सकती है।
एमएलसी ने सीएम को लिखा पत्र
अपना दल (एस) के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष और एमएलसी आशीष पटेल ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया कि बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। बीएसए का स्थानांतरण किए बिना निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
सरकारी सुविधाओं की दुर्गति
ये उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की व्यवस्था का असल हाल है। जहां सरकारी सुविधाओं की दिन-ब-दिन दुर्गति की जा रही है। बच्चों के साथ हुआ ये व्यवहार बेहद निंदनीय है।
- प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिव