इसी दौरान रास्ते में औंग थाने के बीकनपुर के पास राजाबाबू अचेत हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंची और उसे अस्पताल लेकर गई। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उधर, राजाबाबू से उसके साथियों ने संपर्क करने की कोशिश की तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इस पर सभी साथी राजाबाबू को खोजते हुए पीछे लौट गए। रास्ते में राहगीरों से जानकारी मिली कि एक अचेत युवक को पुलिस ले गई है।
किसी तरह जानकारी लेकर सभी साथी रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। शिनाख्त होने पर पुलिस ने राजाबाबू का शव उसके मित्रों को सौंप दिया। सोमवार की सुबह शव लेकर सभी घर पहुंचे तो मां अचेत हो गई। परिजनों ने सुबह बकहर नदी के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया। औंग थानाध्यक्ष एनके नागर का कहना है कि युवक की मौत की वजह का पता नहीं चल सका है। उसका बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। वहीं, राजाबाबू की मौत की सूचना मिलने पर सुबह उसके घर ग्रामीण पहुंचे थे पर जैसे ही शव आया, सभी कोरोना के डर से हट गए।