जी-20 देशों के मेहमानों संग गंगा आरती देखते विदेश मंत्री
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विकास की बढ़ती चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी। आर्थिक मंदी, ऋण संकट, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव व प्रदूषण की चुनौती से निपटने की रणनीति बनेगी। जैव विविधता से होने वाले नुकसान, बढ़ती गरीबी, असमानता, खाद्य व ऊर्जा असुरक्षा, जीवनयापन के संकट सहित वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला व्यवधान, भू-राजनीतिक संघर्ष और तनाव पर भी चर्चा की जाएगी। विकासशील देशों के लिए प्रगति में बाधा डालने वाले महंगे व्यापार से बचने के उपाय पर भी मंथन किया जाएगा।
वाराणसी पहुंचने पर मेहमानों का परंपरा के अनुसार अगवानी की गई। अवध के फरूवाही नृत्य और काशी विश्वनाथ डमरू वादन समिति ने एयरपोर्ट पर विदेशी मेहमानों का भव्य स्वागत किया। लाठी के सहारे मनमोहक नृत्य पर मेहमान रीझे नजर आए। सबको तिलक लगाया गया, फिर रूद्राक्ष की माला पहनाकर स्वागत किया। एयरपोर्ट से होटल तक अलग अलग स्थानों पर कलाकारों के नृत्य ने भी मेहमानों को लुभाया।
कुछ खास मेहमान, जिनसे मिले जयशंकरकाशी पहुंचने वालों में आस्ट्रेलियाई राजनेता पैट्रिक काॅनरॉय, भारत में ब्राजील के राजदूत मौरिसियो लिरियो, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के लिए यूरोपीय आयुक्त जट्टा उरपिलैनेन, जर्मनी के आर्थिक सहयोग और विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज, जापानी मंत्री शुनसुके टेकी, चीन के झाओ यिफान मुख्य रूप से शामिल हैं। इन सबसे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात की है।