गौरतलब है कि मई 2025 में नवापुरा बस्ती में अचानक तेंदुए के आने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। उस दौरान तेंदुए ने तीन ग्रामीणों—कमौली निवासी सुनील, गौराकलॉ निवासी जयदेव और शंकरपुर (नवापुरा) निवासी प्रदीप मौर्य—पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था और लोग घरों से निकलने में भी हिचक रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेंदुआ अचानक खेतों और बस्तियों के बीच देखा गया था। शुरुआत में लोगों ने इसे अफवाह समझा, लेकिन कुछ ही घंटों में तीन अलग-अलग स्थानों पर हमले के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। हमले के समय तीनों घायल अपने-अपने काम में लगे थे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए घायलों को बचाया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च अभियान चलाया गया। कई दिनों तक चले अभियान में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए और विशेषज्ञ टीमों को भी बुलाया गया।
घटना के समय ही मंत्री अनिल राजभर ने सक्रियता दिखाते हुए घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था कराई थी। उन्होंने अस्पताल जाकर पीड़ितों का हाल जाना था और डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया था, जिसे अब पूरा किया गया है।