सरकार किसी की हो, नियम कितने भी कठोर हों, सोनभद्र में चलती खनन सिंडीकेट की ही है। न तो बेंच का पता है, न ही किसी मजदूर को सुरक्षा उपकरण मिलते हैं, न ही नियंत्रित ब्लास्टिंग की तरफ किसी का ध्यान जाता है। जब हादसा होता है, तब अधिकारियों की नींद टूटती है और तात्कालिक कार्रवाई के बाद फिर से पुराने ढर्रे पर व्यवस्था आ जाती है। यही हाल शुक्रवार को शारदा मंदिर के पास हादसे वाले खदान का भी है।
सांसद पकौड़ीलाल कोल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने भी हादसे के पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी को जिम्मेदार बताया है और मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की है।
सांसद पकौड़ीलाल का कहना है कि बिल्ली मारकुंडी के जिस खदान में हादसा हुआ है, उसमें मजदूरों की जिंदगी जोखिम में डालकर खनन कराए जाने को लेकर पिछले साल 15 अक्तूबर को एक पत्र एसडीएम राबर्ट्सगंज को दिया था और खदान का संचालन बंद कराने के लिए कहा था। लेकिन एसडीएम ने पत्र का संज्ञान लेने की जरूरत नहीं समझी।
भेजे गए पत्र को सार्वजनिक करते हुए बताया कि आराजी नंबर 4585, 4586, 4596, 4597, 4599 में संचालित खदान बस्ती के बीच में है। नियम के अनुसार खनन कार्य बस्ती और सार्वजनिक स्थल से कम से कम 250 मीटर दूर होना चाहिए। बस्ती के बीच खदान होने से आए दिन पत्थर तोड़ाई, ब्लास्टिंग के समय पत्थर उड़कर पास के मकानों पर गिरते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहा है। पास में ओबरा-बग्घानाला मुख्य मार्ग होने से राह गुजरते लोगों के भी चपेट में आने का डर रहता है।
सांसद ने बताया कि पत्र में उन्होंने खदान में बेंच न बने होने, श्रमिकों को खदान में जाने के दौरान वर्दी, टोपी, जूते न दिए जाने की जानकारी दी थी और किसी भी दिन दुर्घटना होने की आशंका जताई थी, फिर भी संजीदगी नहीं बरती गई। उधर, धर्मवीर तिवारी ने कहा कि इतनी गहरी खदान में खनन कार्य कैसे हो रहा था? खनन विभाग को इसका जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि रात-दिन दोनों समय बड़ी-बड़ी मशीनें चलाकर अवैध खनन किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और खननकर्ताओं को सिंडीकेट बनाकर खनन कराने का भी आरोप लगाया। मांग की कि खदान हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच कराते हुए डीजीएमएस और खान अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और घायल मजदूरों को समुचित इलाज के साथ मुआवजा दिया जाए। कार्रवाई न होने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी।