फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर लौटे मजदूरों को इस तरह मिलेगा काम, तैयारियों में जुटी सरकार

Mon, 18 May 2020 10:22 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
विज्ञापन

ख्वाब अधूरे छोड़कर परदेश से लौट रहे मजदूरों को गांव में ही काम देने के लिए सरकारी अमला जुट गया है। मुंबई, सूरत, पंजाब से आने वाले मजदूरों का मनरेगा के तहत जॉब कार्ड बनने शुरू हो गए हैं। अब तक 3024 मजदूरों के जॉब कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें 2511 को काम भी मिल चुका है। गांव में ही काम पाने वाले मजदूर अब परदेश न जाने का मन बना रहे हैं।

विज्ञापन

लॉकडाउन की सबसे बड़ी मार मजदूर तबके पर पड़ी है। काम-धंधा बन्द होने के बाद परदेश में रह रहे मजदूर अब घर लौट रहे हैं। पैदल, साइकिल, ऑटो के अलावा बस और ट्रेन से आ रहे यह मजदूर बड़े शहरों की दुश्वारियों को देखकर अब गांव के ही आसपास रोजगार तलाशने में जुटे हैं।


सरकार ने ऐसे सभी मजदूरों को मनरेगा के तहत गांव में ही काम उपलब्ध कराने का वादा भी किया है। इसके तहत जिले में इन मजदूरों का जॉब कार्ड बनाने का काम जोरों पर है। अब तक जिले में 50 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक पहुंचे हैं। इनमें ज्यादातर पिछले 10 दिनों के अंदर ट्रेनों के माध्यम से आए हैं।

विज्ञापन

इससे पहले विभिन्न साधनों से आए करीब 10 हजार मजदूरों में से काम करने की इच्छा जताने वालों के मनरेगा से कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके लिए प्रधान व सचिव सहित सभी बीडीओ काम करने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों का जाब कार्ड बनाने का निर्देश दिया है।

मनरेगा सेल के आंकड़े पर गौर करें तो जिले के 1749 ग्राम पंचायतों में से अभी तक 786 ग्राम पंचायतों में 6932 प्रवासी श्रमिकों ने काम की मांग की है। इन सभी का कार्ड बनाया जा रहा है। अब तक 3024 प्रवासी मजदूरों का जाब कार्ड बनाया जा चुका है। इसमें से 2511 जाब कार्ड धारकों को काम भी दिया गया है। शेष को काम देने का कार्य किया जा रहा है।
विज्ञापन

बक्शा में सबसे अधिक बना है प्रवासी मजदूरों का जॉब कार्ड
जिले में सबसे अधिक बक्शा ब्लाक में प्रवासी श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाया है, संख्या 350 है। इसके अलावा बदलापुर में 20, बरसठी में 97, धर्मापुर में 78, डोभी में 132, जलालपुर में 15, करंजाकला में 270,केराकत में 68, खुटहन में 310, मछलीशहर में 140, महराजगंज में 320, मड़ियाहूं में 142, मुंगराबदशाहपुर में 142, मुफ्तीगंज में 280, रामनगर में 85, रामपुर में 145, शाहगंज में 70, सिकरारा में 15, सिरकोनी में 67, सुईथाकला में 41व सुजानगंज में 217 प्रवासी श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाया गया है।

मनरेगा के उपायुक्त भूपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बीडीओ, प्रधान व सचिव को निर्देश दिया गया है कि जो भी प्रवासी श्रमिक काम करना चाहे, उससे मांग पत्र लेकर जॉब कार्ड बनाया जाए। सभी श्रमिकों को ज्यादा से ज्यादा काम मिल सके, इसके लिए पूरी कोशिश जारी है। अभी 3024 श्रमिकों के कार्ड बनाए गए हैं। इसमें 2511 श्रमिकों को काम भी दिया गया है। शेष श्रमिकों को भी शीघ्र ही काम दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें