काशी में मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत के लिए सबसे पहले 50 एकड़ जमीन टर्मिनल बनाने के लिए चाहिए। राइट्स के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक एक साथ इतनी जगह नहीं मिलती, काम शुरू करना संभव नहीं होगा। बैठक में मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव ने जमीन उपलब्ध कराने का वादा किया और कहा कि मेट्रो रेल परियोजना का काम दो साल में शुरू हो जाएगा।
उन्होंने राइट्स के अधिकारियों से कहा कि वे छह माह में विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर दें। डीपीआर मिलने के बाद शहर की मिट्टी का परीक्षण, जिओ टेक्निकल सर्वे और केंद्र सरकार से अनुमति लेने के साथ परियोजना के लिए जरूरी बजट की व्यवस्था कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
कमिश्नरी सभागार में शुक्रवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में राइट्स के जीएम प्यूस कंसल, एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव और चौदह विभागों के अधिकारियों की बैठक मेट्रो रेल परियोजना के संबंध में बुलाई गई थी।
मंडलायुक्त ने कहा कि मेट्रो परियोजना के प्रथम चरण में कैंट से लंका (वाया सिगरा व रथयात्रा) और कैंट से सारनाथ के बीच के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। इसमें कैंट रेलवे स्टेशन व रोडवेज और सिटी रेलवे स्टेशन शामिल रहना चाहिए। कमिश्नर ने कहा कि अस्सी घाट, केदार घाट, दशाश्वमेध और पंचगंगा घाट के रास्ते गंगा के किनारे मेट्रो रेल संचालन के लिए कार्ययोजना बनाई जाए।
उन्होंने वीडीए सचिव एमपी सिंह की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम को आगामी छह माह में 50 एकड़ जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया है। वीडीए उपाध्यक्ष सर्वज्ञ राम मिश्र ने प्रथम चरण में पक्कामहाल क्षेत्र को भी शामिल करने का सुझाव दिया। इस दौरान नगर आयुक्त उमाकांत त्रिपाठी, वीडीए सचिव एमपी सिंह, पीडब्ल्यूडी, जलनिगम, रेलवे सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।