माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। शहरों के प्रमुख चौराहों पर ऑटो, ई-रिक्शा ने यातायात व्यवस्था पर ब्रेक लगा दिया है। अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े किए जाने से यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है। इन वाहनों के कारण जाम लग रहा है और यात्रियों को असुविधा हो रही है। सिग्नल टाइमर की व्यवस्था भी इनके कारण धड़ाम है। चौराहों पर 50 मीटर के अंदर ऑटो-ईरिक्शा नहीं खड़े किए जाने के नियम भी फेल है। रथयात्रा चौराहे पर महमूरगंज मार्ग की तरह चौराहे से 50 मीटर के अंदर 20 से 25 ई-रिक्शा खड़े हो रहे हैं। यही हाल गोलगड्डा तिराहे पर भी सिग्नल टाइमर की व्यवस्था में ऑटो-ई-रिक्शा चालक खलल डाल रहे हैं। गोलगड्डा तिराहे पर ही स्टैंड है। मलदहिया चौराहे पर भी सिग्नल टाइमर का उपयोग ढंग से नहीं हो रहा है। पांडेयपुर चौराहे पर टाइमर नहीं है, लेकिन चौराहे से सटकर लालपुर रोड पर अनगिनत ऑटो-ई-रिक्शा के चलते रोजाना जाम लग रहा है। एसीपी कैंट के लगातार पर्यवेक्षण के बावजूद जाम से निजात लोगों को नहीं मिल पा रही है। कमोबेश यही हाल अर्दली बाजार का है। ऑटो, ई-रिक्शा चालक चौराहों के आसपास सड़क घेरकर वाहन खड़े करते हैं, जिससे यातायात के लिए जगह कम हो जाती है। यह स्थिति विशेष रूप से लगभग सभी चौराहे पर देखने को मिलती है। कैंट स्टेशन और रोडवेज के आसपास तो इन अव्यवस्थित खड़े वाहनों के कारण सिटी बसों के संचालन में भी बाधा आ रही है। पुलिस ने पांडेयपुर, भोजूबीर, शिवपुर आसपास अव्यवस्थित तरीके से खड़े ऑटो और ई-रिक्शा को हटाकर सर्विस रोड पर निर्धारित स्थान पर खड़ा कराया। सारनाथ निवासी अमित पाठक ने बताया कि गोलगड्डा तिराहे पर अतिक्रमण और स्टैंड को हटाना चाहिए। तिलमापुर निवासी रोहित मिश्रा ने बताया कि चौराहों के आसपास ई-रिक्शा और ऑटो के बेतरतीब खड़े होने से जाम लग जाता है और पैदल चलने की जगह भी नहीं बचती।
चौराहे के आसपास ऑटो-ई-रिक्शा के खड़े किए जाने पर कार्रवाई की जाती है। समय-समय पर अभियान चलाकर वाहनों को सीज भी किया जाता है। -अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी यातायात