थियोसोफिकल सोसायटी परिसर से देंगे विश्व बंधुत्व का संदेश
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कमच्छा स्थित 1891 में स्थापित भारतीय शाखा, थियोसाफिकल सोसायटी से विश्व बंधुत्व का संदेश देने की तैयारी चल रही है। सोसायटी की भारतीय
शाखा के 131वें तीन दिवसीय सम्मेलन(28 से 30 अक्तूबर) में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 800 प्रतिनिधि जुटेंगे।
सोसायटी के बैनर तले जहां देश के विभिन्न स्थानों से आने वाले वक्ता विश्वबंधुत्व पर अपनी बात रखेंगे वहीं इसके तहत चलने वाली शिक्षण संस्थानों
के विद्यार्थियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम की यादगार प्रस्तुति भी की जाएगी। सम्मेलन के बारे में प्रदीप महापात्रा का कहना है कि वसुधैव
कुटुम्बकम या विश्व बन्धुत्व अपने साथ प्रेम का संदेश लेकर आता है। आज का विश्व जो अनेक संघर्ष और विवादों से घिरा हुआ है तब विश्व बन्धुत्व को अपनाना और भी आवश्यक हो गया है। जितना ज्यादा लोगों में भाईचारा और प्रेम होगा, उतना ही हमारा विश्व सौहार्र्द और समन्वय से परिपूर्ण होगा। युद्ध का विचार लुप्त हो जायेगा और एक सुन्दर धरा की रचना होगी। सम्मेलन में केरल, कर्नाटक, उड़ीसा, आन्ध्र प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, पं. बंगाल, गुजरात, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश इत्यादि राज्यों से प्रतिनिधि शामिल होंगे। 28 अक्तूबर को उदघाटन के बाद 29 अक्तूबर को बीएचयू कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन का संबोधन होगा। इस दौरान सोसायटी भारतीय शाखा अध्यक्ष प्रदीप एच गोहिल, अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो.पीकृष्णा, डॉ. दीपा पाढ़ि सहित कई लोग मौजूद रहेंगे।