*एमएसएमई की समृद्धि हेतु वित्तीय संसाधनों की जानकारी देने के लिए आई आई ए की कार्यशाला का दीप प्
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इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के ओर से एमएसएमई की समृद्धि के लिए मंगलवार को वित्तपोषण कार्यशाला हुई। छावनी स्थित एक होटल में बीएसई एमएसई और स्टार्टअप्स के पूर्व महाप्रबंधक आनंद चारी, कैपिटल मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट एवं मर्चेंट बैंकर रामकृष्ण अय्यंकर और सिडबी के उप महाप्रबंधक रितेश कुमार सिंह ने उद्यमियों को वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मार्ग सुझाए।
आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि यह आयोजन एमएसएमई क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल है। उन्होंने बताया कि एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यह क्षेत्र करोड़ों लोगों को रोजगार देता है। आईआईए के राष्ट्रीय महासचिव दीपक बजाज ने आईपीओ को पूंजी जुटाने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि आईपीओ से पारदर्शिता और ब्रांड वैल्यू बढ़ती है।
आईआईए के राष्ट्रीय सचिव अनुपम देवा ने कहा कि उद्यमों को केवल लाभ अर्जित करने तक सीमित न रखें। हमें यह संकल्प लेना होगा कि हम अपने उद्यमों को रोजगार सृजन, सामाजिक विकास और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाएं। आनंद चारी ने एसएमई लिस्टिंग के लाभों पर चर्चा की। संचालन आईआईए सदस्यता वृद्धि समिति के अध्यक्ष नीरज पारीख ने किया। आईआईए वाराणसी के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रशांत अग्रवाल, मनीष कटारिया, गौरव गुप्ता, अजय जायसवाल, राहुल मेहता, उमंग गुप्ता, बृजेश केसरी उपस्थित रहे।
5 करोड़ तक का मिलता है पूंजी ऋण
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के उप महाप्रबंधक रितेश कुमार सिंह ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए विशेष वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी। ये योजनाएं व्यवसाय विस्तार, आधुनिक मशीनरी की स्थापना और कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हैं। उन्होंने बताया कि व्यवसाय की नकदी आवश्यकताओं के लिए 5 करोड़ रुपये तक का कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध है।